आगरा से देहरादून जा रही रोडवेज बस में सवार उत्तराखंड रोडवेज डिपो के चालक की मौत की गुत्थी उलझ गई है। जब उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, तब कहा गया कि अचानक तबीयत बिगड़ी थी। एक हिचकी आई थी और बेसुध हो गए। मगर पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक सिर और कान के पास जख्म मिले हैं। मौत की वजह भी यही है। अब यह चोट गिरने से लगी या फिर किसी ने हमला किया। पुलिस दोनों ही बिंदुओं पर जांच कर रही है। रोडवेज की आगरा फोर्ट डिपो की बस 3 अक्टूबर रात रुड़की, हरिद्वार, ऋषिकेश के रास्ते देहरादून जा रही थी। बस के परिचालक नितिन कुमार के अनुसार बस में फिरोजाबाद से शीशग्रान निवासी 38 वर्षीय सकलेन सिंकदर पुत्र महमूद अख्तर सवार हुए थे। वे उत्तराखंड रोडवेज डिपो में चालक के पद पर कार्यरत थे। सकलेन फिरोजाबाद से ऋषिकेश जा रहे थे। रास्ते में बस एक ढाबे पर रुकी, जहां उन्होंने पानी व कोल्ड ड्रिंक पी। बस चलने के थोड़ी ही देर बाद अलीगढ़ आने पर सकलेन सिकंदर की तबीयत बिगड़ गई, वे बेहोश हो गए। जिसके बाद चालक बस को पहले हाईवे पर एक निजी अस्पताल में लेकर गया। इसके बाद वे बस को मलखान सिंह जिला अस्पताल की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे। जहां चिकित्सक ने सकलेन सिकंदर को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद बस काफी देर तक अस्पताल में ही खड़ी रही। बस में सवार यात्रियों ने हंगामा किया। घटना की जानकारी पाकर उनके मामा मोहम्मद अख्तर आदि परिजन अलीगढ़ आ गए। जहां से पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजन फिरोजाबाद ले गए। एसपी सिटी मृगांक शेखर पाठक के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सकलेन सिकंदर के सिर व कान में गंभीर चोट आने के कारण मौत होना बताया गया है। सकलेन के सिर व कान में कैसे चोट पहुंची? इसकी जांच की जा रही है। परिजनों की ओर से इस मामले में अभी कोई शिकायत या तहरीर नहीं मिली है। पुलिस अपने स्तर से ही इसकी जांच कर रही है। Please follow and like us: Share Post Share Post navigation महाकुंभ में रेलवे की नई व्यवस्था: ट्रेन के अंदर ही मिलेगी अनारक्षित टिकट की सुविधा मेघालय में बारिश का कहर,10 लोगों की जान गई, लापता लोगों की तलाश जारी