देहरादून में शराब की दुकानों पर देर रात छापेमारी, ISBT समेत कई जगह ओवररेटिंग और अनियमितताएं मिलीं

देहरादून जिले में शराब की दुकानों पर निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर शराब बेचने यानी ओवररेटिंग की लगातार सामने आ रही शिकायतों के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देश पर देर रात जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में शराब की दुकानों के खिलाफ विशेष जांच और छापेमारी अभियान चलाया गया। इस दौरान प्रशासन की अलग-अलग टीमों ने अचानक दुकानों पर पहुंचकर स्टॉक, बिक्री से संबंधित रिकॉर्ड, बैच नंबर, रेट लिस्ट और सेल्समैन की वैधता समेत कई बिंदुओं की जांच की। अभियान के दौरान कुछ दुकानों पर रिकॉर्ड से जुड़ी कमियां सामने आईं, जबकि कई स्थानों पर रेट लिस्ट प्रदर्शित नहीं होने और अनधिकृत सेल्समैन के मौजूद होने की बात सामने आई। कुछ दुकानों पर ओवररेटिंग की शिकायतों की भी जांच की गई।

ISBT स्थित शराब की दुकान पर ओवररेटिंग की शिकायत सही मिली

सिटी मजिस्ट्रेट राकेश तिवारी और एसडीएम सदर अपूर्वा सिंह के नेतृत्व में माजरा, पटेलनगर और आसपास के इलाकों में शराब की दुकानों का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान ISBT स्थित शराब की दुकान पर ओवररेटिंग से जुड़ी शिकायत की जांच में अनियमितता सामने आई। जांच टीम ने दुकान में उपलब्ध शराब के स्टॉक और संबंधित दस्तावेजों का मिलान किया। अधिकारियों के अनुसार दुकान में रखी 42 शराब की बोतलों के बैच नंबर उपलब्ध अभिलेखों से मेल नहीं खाए। इसके अलावा दुकान पर अनधिकृत सेल्समैन भी पाए गए। टीम को यह भी मिला कि दुकान पर निर्धारित रेट लिस्ट प्रदर्शित नहीं की गई थी। इसके बाद अधिकारियों ने स्टॉक और बिक्री से जुड़े दस्तावेजों की विस्तृत जांच की और सामने आई कमियों को रिपोर्ट में दर्ज किया।

प्रेमनगर में स्टॉक रजिस्टर अपडेट नहीं मिला

दूसरी ओर, एसडीएम मुख्यालय रविंद्र ज्वांठा के नेतृत्व में प्रेमनगर और आसपास के क्षेत्रों में भी शराब की दुकानों का निरीक्षण किया गया। यहां एक दुकान में स्टॉक रजिस्टर अद्यतन नहीं पाया गया। जांच के दौरान दुकान पर अनधिकृत सेल्समैन मिलने की बात भी सामने आई। टीम ने मौके पर उपलब्ध शराब के स्टॉक और संबंधित रिकॉर्ड का परीक्षण किया। अधिकारियों ने आवश्यक कार्रवाई के लिए निरीक्षण रिपोर्ट तैयार की है।

जाखन और राजपुर रोड में भी सामने आईं कई कमियां

जाखन और राजपुर रोड क्षेत्र में भी प्रशासन की टीमों ने शराब की दुकानों की जांच की। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट राहुल आनंद और हर्षिता सिंह के नेतृत्व में की गई कार्रवाई के दौरान कई दुकानों पर स्टॉक रजिस्टर अपडेट नहीं मिला। कुछ दुकानों पर निर्धारित दरों की सूची भी प्रदर्शित नहीं की गई थी। इसके अलावा कुछ स्थानों पर ऐसे सेल्समैन पाए गए जिनकी वैधता को लेकर टीम ने जांच की। अधिकारियों के मुताबिक कई दुकानों पर आबकारी विभाग का शिकायत नंबर भी प्रदर्शित नहीं था।जांच के दौरान ओवररेटिंग से जुड़ी शिकायतों को भी टीमों ने गंभीरता से लिया। कुछ विक्रेताओं की ओर से भी ओवररेटिंग को लेकर शिकायतें अधिकारियों के सामने रखी गईं, जिन्हें मौके पर संज्ञान में लिया गया।

रिकॉर्ड और बिक्री व्यवस्था पर प्रशासन की नजर

देर रात चले इस विशेष अभियान का उद्देश्य केवल ओवररेटिंग की शिकायतों की जांच करना ही नहीं था, बल्कि शराब की दुकानों पर बिक्री व्यवस्था और निर्धारित नियमों के अनुपालन की स्थिति को भी परखना था। प्रशासनिक टीमों ने स्टॉक की उपलब्धता, बैच नंबर, बिक्री अभिलेख, स्टॉक रजिस्टर, रेट लिस्ट और सेल्समैन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। इस दौरान जहां भी रिकॉर्ड या बिक्री व्यवस्था में कमी मिली, उसे निरीक्षण रिपोर्ट में दर्ज किया गया।

डीएम ने दिए नियमित औचक निरीक्षण के निर्देश

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने स्पष्ट किया कि शराब की दुकानों पर निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर बिक्री, अनधिकृत व्यक्तियों से शराब की बिक्री कराने और अभिलेखों में किसी भी तरह की अनियमितता को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में शराब की दुकानों का नियमित रूप से औचक निरीक्षण किया जाए और जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। प्रशासन की इस देर रात चली कार्रवाई के बाद शराब कारोबारियों में भी हड़कंप की स्थिति देखने को मिली। आने वाले दिनों में भी इस तरह की जांच जारी रहने की संभावना है, जिससे दुकानों पर निर्धारित मूल्य और बिक्री संबंधी नियमों के पालन को लेकर निगरानी बढ़ सकती है।

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