आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से रोष, लुधियाना में दलित समाज ने किया बंद का ऐलान - Uttarakhand Samachar

आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से रोष, लुधियाना में दलित समाज ने किया बंद का ऐलान

डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के कथित अपमान की घटना को लेकर लुधियाना में दलित समाज का बंद शुरू हो गया है। प्रदर्शनकारियों ने जालंधर बाईपास चौक पर दिल्ली-अमृतसर नेशनल हाईवे को जाम कर दिया।  हाईवे जाम होने का सीधा असर यात्रियों और वाहन चालकों पर पड़ा है। अमृतसर और जालंधर से लुधियाना होते हुए पटियाला, अंबाला, करनाल, पानीपत और दिल्ली जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों ने पहले सर्विस लेन में धरना दिया था। इसके बाद कुछ समय बाद वे मुख्य हाईवे पर भी पहुंच गए, जिससे दोनों दिशाओं में यातायात प्रभावित हो गया और सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लगने लगीं। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने कई स्थानों पर ट्रैफिक डायवर्ट किया है। वाहन चालकों को वैकल्पिक रास्तों से निकालने की कोशिश की जा रही है, ताकि जाम का असर कम किया जा सके।

दरअसल, मंगलवार को कुछ शरारती तत्वों द्वारा डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के साथ कथित बेअदबी की घटना सामने आई थी। घटना के बाद इलाके में तनाव पैदा हो गया था और कई घंटों तक स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। हालांकि, अभी तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से दलित समाज में नाराजगी बढ़ गई है। बुधवार सुबह प्रदर्शनकारियों ने डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा का दूध से अभिषेक किया। समाज के नेताओं ने घटना पर कड़ा रोष जताते हुए कहा कि बाबा साहेब की प्रतिमा के अपमान को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे दलित नेता और भाजपा के पूर्व पार्षद चौधरी यशपाल ने बताया कि लुधियाना में सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक बंद का आह्वान किया गया है। उन्होंने दुकानदारों और उद्योगपतियों से बंद को समर्थन देने की अपील की। साथ ही युवाओं से कहा कि आंदोलन के दौरान जरूरी सेवाओं और आम लोगों की आवाजाही को बाधित न किया जाए। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन से जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। इसके साथ ही अंबेडकर प्रतिमा के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने और नए सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग भी उठाई गई है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पर्याप्त सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था नहीं होने के कारण इस तरह की घटनाओं को अंजाम देने वालों के हौसले बढ़ते हैं। उन्होंने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्थायी सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है। डीसीपी आलम विजय सिंह के मुताबिक, घटना को लेकर एफआईआर दर्ज कर ली गई है और पुलिस की अलग-अलग टीमें जांच में जुटी हैं। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।

पुलिस फुटेज के आधार पर संदिग्ध की पहचान करने का प्रयास कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। बंद और प्रदर्शन को देखते हुए शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर भी पुलिस ने विशेष इंतजाम किए हैं। कई मार्गों पर यातायात को डायवर्ट किया गया है, ताकि लोगों को ज्यादा परेशानी न हो। इस मामले का असर लुधियाना के अलावा जालंधर में भी देखने को मिला। लुधियाना में डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा के साथ हुई कथित बेअदबी के विरोध में भारतीय मूल निवासी मुक्ति मोर्चा पंजाब के सदस्य डीसी कार्यालय पहुंचे। संगठन के सदस्य मुख्यमंत्री के नाम डीसी जालंधर को शिकायत देना चाहते थे। हालांकि, डीसी से मुलाकात का समय नहीं मिलने पर प्रदर्शनकारी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए और सरकार व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर प्रशासन ने जल्द उनकी बात नहीं सुनी तो वे सड़क जाम करने का कदम उठा सकते हैं। फिलहाल लुधियाना और जालंधर में प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। पूरे मामले में अब प्रदर्शनकारियों की सबसे बड़ी मांग आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और अंबेडकर प्रतिमा की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। पुलिस जांच और संभावित गिरफ्तारी के बाद ही स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है।

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