स्कूलों में अचानक पहुंचे जिलाधिकारी, कमियां मिलने पर अधिकारियों को दिए निर्देश

Read Time:6 Minute, 36 Second

हरिद्वार:- जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बुधवार को सरकारी स्कूलों का औचक निरीक्षण कर शिक्षा व्यवस्था और विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया। डीएम ने ज्वालापुर स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय संख्या-3 और कनखल स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय संख्या-18 का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डीएम ने कक्षाओं में जाकर छात्र-छात्राओं से संवाद किया। उन्होंने बच्चों की किताबें और कॉपियां देखीं तथा पाठ्यक्रम से जुड़े सवाल पूछकर उनकी शैक्षणिक स्थिति को परखा।

स्कूलों में साफ-सफाई और कक्षाओं की व्यवस्था पर दिए निर्देश

औचक निरीक्षण के दौरान कुछ विद्यालयों में साफ-सफाई की व्यवस्था अपेक्षा के अनुरूप नहीं मिली। वहीं, एक विद्यालय में जगह की कमी के कारण अलग-अलग कक्षाओं के विद्यार्थियों को एक ही कमरे में पढ़ाया जा रहा था। इस पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को व्यवस्था में सुधार करने और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त कक्ष तैयार कराने के निर्देश दिए। उन्होंने बच्चों से उनकी पढ़ाई के बारे में भी जानकारी ली और स्कूल में पढ़ाए गए पाठों को घर पर दोहराने की सलाह दी।

मिड डे मील की गुणवत्ता भी परखी

डीएम मयूर दीक्षित ने विद्यालय में संचालित मध्याह्न भोजन यानी मिड डे मील की व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। वह स्कूल की रसोई तक पहुंचे और वहां भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई तथा नियमितता के बारे में जानकारी ली। डीएम ने विद्यार्थियों से सीधे बातचीत कर यह भी पूछा कि उन्हें मिड डे मील में किस तरह का भोजन दिया जाता है और उसकी गुणवत्ता कैसी रहती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों के भोजन की गुणवत्ता में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। भोजन में हरी सब्जियों को शामिल करने के साथ ही निर्धारित मानकों के अनुसार स्वच्छ और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

शौचालय और पेयजल व्यवस्था की भी जांच

निरीक्षण के दौरान स्कूल परिसर की स्वच्छता, कक्षाओं की स्थिति, शौचालय और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं को भी देखा गया। डीएम ने शिक्षकों को विद्यालय परिसर में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यालयों में छात्र-छात्राओं और शिक्षकों की संख्या की जानकारी भी ली। डीएम ने कहा कि बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना शिक्षकों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने शिक्षकों से पूरी निष्ठा और संवेदनशीलता के साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर काम करने को कहा।

अभिभावकों के साथ नियमित बैठक के निर्देश

डीएम ने शिक्षकों को समय-समय पर अभिभावकों के साथ बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। उनका कहना है कि बच्चों की पढ़ाई, उपस्थिति और शैक्षणिक प्रगति में अभिभावकों की भागीदारी बढ़ाना जरूरी है। उन्होंने बच्चों को स्कूल में पढ़ाए गए विषयों का घर पर भी नियमित रिवीजन करने के लिए प्रेरित करने को कहा।

कमियां मिलने वाले स्कूलों में होगा सुधार

डीएम मयूर दीक्षित ने कहा कि जिले में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से औचक निरीक्षण लगातार किए जा रहे हैं। निरीक्षण के दौरान जिन विद्यालयों में कमियां सामने आएंगी, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दूर कराया जाएगा। उन्होंने पुराने विद्यालय भवनों की मरम्मत और रखरखाव के लिए CSR के माध्यम से कार्ययोजना तैयार करने की बात भी कही। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सरकारी स्कूलों की व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए आगे भी औचक निरीक्षण जारी रहेंगे।

डीएम मयूर दीक्षित ने कहा

“कुछ जगहों पर साफ-सफाई की कमी पाई गई है। जगह की कमी के कारण कुछ स्थानों पर अलग-अलग कक्षाओं के छात्र एक साथ पढ़ते मिले। इसके लिए अलग कक्ष तैयार करने को कहा गया है। पेयजल की व्यवस्था सभी जगह उपलब्ध मिली है और शौचालय को लेकर भी निर्देश दिए गए हैं।” “शिक्षकों को समय-समय पर अभिभावकों के साथ बैठक करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि बच्चों की पढ़ाई, उपस्थिति और शैक्षणिक प्रगति में अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो सके।” “जिले में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार औचक निरीक्षण किए जा रहे हैं। जिन विद्यालयों में कमियां चिह्नित होंगी, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दूर कराया जाएगा। पुराने विद्यालय भवनों के रखरखाव के लिए CSR के माध्यम से भी कार्ययोजना बनाई जाएगी।”

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %
Please follow and like us:
Pin Share

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *