अपनी शानदार कॉमेडी से करोड़ों दिलों को जीतने वाले अभिनेता राजपाल यादव कानूनी शिकंजे में फंस गए हैं। दिल्ली हाई कोर्ट के कड़े आदेश के बाद राजपाल यादव ने तिहाड़ जेल में सरेंडर कर दिया है। 4 फरवरी तक सरेंडर करने की समय सीमा खत्म होने के बाद, कोर्ट ने उनकी किसी भी नई दलील को सुनने से इनकार कर दिया। कोर्ट की फटकार: “आश्वासन बहुत दिए, अब कार्रवाई होगी” सरेंडर के बाद राजपाल यादव ने कोर्ट में पेश होकर एक बार फिर मोहलत मांगी। उन्होंने कहा कि वह 25 लाख रुपये तुरंत देने को तैयार हैं और बाकी रकम भी जल्द चुका देंगे। लेकिन हाई कोर्ट ने उन्हें कड़ी फटकार लगाते हुए कहा: पहले भी कई बार आश्वासनों के आधार पर राहत दी गई थी, लेकिन मामला नहीं सुलझाया गया। सरेंडर करना अनिवार्य था और अब जेल जाने के बाद ही किसी राहत पर विचार किया जा सकता है। शिकायतकर्ता कंपनी का अभी भी 9 करोड़ रुपये बकाया है, जिसका भुगतान नहीं किया गया। क्या है पूरा विवाद? (फ्लैशबैक) यह मामला करीब 16 साल पुराना है, जिसकी शुरुआत 2010 में हुई थी: कर्ज की शुरुआत: राजपाल यादव ने अपनी निर्देशित फिल्म ‘अता पता लापता’ के लिए ‘मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड’ से 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। चेक बाउंस: फिल्म फ्लॉप रही और राजपाल पैसे नहीं लौटा सके। उन्होंने जो चेक दिए, वे बैंक में बाउंस हो गए। सजा का ऐलान: साल 2018 में कड़कड़डूमा कोर्ट ने उन्हें दोषी करार देते हुए 6 महीने की जेल की सजा सुनाई थी। समझौते की कोशिशें रहीं नाकाम जून 2024 में कोर्ट ने सजा पर रोक लगाई थी ताकि दोनों पक्ष आपस में समझौता कर सकें। हालांकि, ब्याज और मूलधन मिलकर राशि 9 करोड़ तक पहुंच गई। राजपाल यादव तय समय सीमा के भीतर भुगतान करने में विफल रहे, जिसके चलते कोर्ट ने उनकी राहत वापस ले ली और सरेंडर का आदेश दिया। Please follow and like us: Share Post Share Post navigation सिनेमाघरों के बाद अब डिजिटल दुनिया में धमाका करेगी सनी देओल की सेना। राजपाल यादव के जीवन का सबसे कठिन दौर; जेल के भीतर कैदियों की बदली जिंदगी।