उत्तरायणी कौथीग में दिखेगा लोक कला और आधुनिकता का संगम।

Read Time:2 Minute, 23 Second

देहरादून के परेड ग्राउंड में भव्य शोभायात्रा के साथ उत्तरायणी कौथीग महोत्सव 2026 का शुभारंभ हो गया है। पारंपरिक ढोल–नगाड़ों की गूंज और लोक संस्कृति से सजी इस शोभायात्रा में मां नंदा देवी, गोलज्यू महाराज सहित अन्य देवी–देवताओं की डोलियाँ आकर्षण का केंद्र रहीं। श्रद्धालु और कलाकार पारंपरिक वेशभूषा में उत्साह के साथ शामिल हुए, जिससे पूरे क्षेत्र में सांस्कृतिक उल्लास का माहौल बन गया।

यह महोत्सव सेवा संकल्प फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है, जो 5 फरवरी से 8 फरवरी 2026 तक चलेगा। महोत्सव की शुरुआत पर फाउंडेशन की संस्थापक गीता धामी ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएँ देते हुए विशेष रूप से प्रदेश की मातृशक्ति का आभार व्यक्त किया, जिनकी सक्रिय सहभागिता से आयोजन को भव्य स्वरूप मिल सका।

गीता धामी ने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन उत्तराखंड की पारंपरिक रीति–रिवाजों, लोक संस्कृति और विरासत को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। साथ ही ये मंच स्थानीय उत्पादों, पारंपरिक व्यंजनों और कारीगरों को आगे बढ़ाने का सशक्त माध्यम भी बनते हैं।

उत्तरायणी कौथीग महोत्सव न केवल उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करेगा, बल्कि राज्य की सकारात्मक छवि को देश–विदेश तक पहुँचाने का कार्य भी करेगा। महोत्सव की औपचारिक शुरुआत शाम 5 बजे राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के करकमलों द्वारा की जाएगी, जिसके बाद विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों और गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *