इंटीमेसी और सेल्फ लव पर बोलीं गीता कपूर—’क्या आप नहीं करते? फिर मेरे लिए ये टैबू क्यों?’

Read Time:2 Minute, 32 Second
अपनी कोरियोग्राफी और जजिंग स्टाइल के लिए पहचानी जाने वाली गीता कपूर (52 वर्ष) अपनी निजी जिंदगी को लेकर हमेशा चर्चा में रहती हैं। ‘बिना शादी के मां’ का दर्जा पाने वाली गीता ने हाल ही में ‘हिंदी रश’ को दिए इंटरव्यू में समाज की दोहरी मानसिकता पर कड़ा प्रहार किया है।

1. “मेरी भी भावनाएं हैं”: गीता कपूर

गीता कपूर ने उन धारणाओं को चुनौती दी है जिनमें यह मान लिया जाता है कि यदि कोई महिला अविवाहित है या उसे ‘मां’ का दर्जा मिला है, तो उसकी कोई शारीरिक या भावनात्मक जरूरतें नहीं हो सकतीं। उन्होंने साफ कहा

2. फिजिकल सैटिस्फैक्शन पर बेबाकी

जब उनसे उनके पुराने बयान (इंटीमेसी पर) के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने पीछे हटने के बजाय और मजबूती से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि वह फिजिकली सैटिस्फाइड (Physically Satisfied) हैं और इसमें कुछ भी गलत नहीं है। गीता ने सवाल उठाया कि जो चीजें आम लोगों के लिए सामान्य हैं, वह किसी सेलिब्रिटी या पब्लिक फिगर के लिए ‘टैबू’ (Taboo) क्यों बन जाती हैं?

3. ‘मां’ की उपाधि और समाज का चश्मा

गीता ने स्पष्ट किया कि ‘गीता मां’ की उपाधि उनके शिष्यों और प्रशंसकों का प्यार है, लेकिन यह उनकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता की बेड़ियाँ नहीं बन सकतीं। उन्होंने कहा:
  • निजी पसंद: शादी के बिना इंटीमेट होना या अपनी जरूरतों को पूरा करना किसी का व्यक्तिगत निर्णय है।
  • अधिकार: समाज को यह तय करने का हक नहीं है कि कोई महिला अपनी जिंदगी कैसे जिए।

4. विवाद नहीं, जागरूकता है मकसद

गीता कपूर ने जोर देकर कहा कि उनका इरादा विवाद पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों की सोच बदलना है। वह चाहती हैं कि लोग यह समझें कि एक ‘डांस गुरु’ या ‘पब्लिक फिगर’ होने से पहले वह एक इंसान हैं, जिसकी अपनी फीलिंग्स और जरूरतें हैं।
Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *