पीएम आवास योजना का नियम बदला, डिजिटल सर्वे से हकदारों को ही मिलेगा घर - Uttarakhand Samachar

हिमाचल प्रदेश:- अब केवल वही लोग प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत दी जाने वाली सहायता राशि का लाभ उठा सकेंगे, जो कि इसके लिए सही मायने में पात्र होंगे। इस बार सरकार ने डिजिटल प्रणाली के माध्यम से सर्वेक्षण करवाया है, जिससे इस योजना में संभावित फर्जीबाड़े पर पूर्ण रोक लगेगी। जिला बिलासपुर की बात करें, तो इस बार पांच हजार नए लाभार्थियों का चयन डिजिटल माध्यम से किया गया है। ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा विकसित आवास प्लस 2.0 मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए विशेष रूप से गठित टीमों द्वारा गांव-गांव जाकर पात्र परिवारों का डिजिटल सर्वेक्षण किया गया। बता दें कि बिलासपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत चल रहा पात्र लाभार्थियों का सर्वेक्षण कार्य अब समाप्त हो चुका है। सरकार की इस महत्त्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य गरीब और बेघर परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराना है।

इस योजना के अंतर्गत चयनित लाभार्थियों को 120000 रुपए की राशि तीन किस्तों में दी जाती है, जिससे वे अपने मकान का निर्माण कार्य पूर्ण कर सकें। जानकारी के मुताबिक जिले की 176 ग्राम पंचायतों में यह सर्वेक्षण कार्य ग्राम सचिवों एवं तकनीकी सहायकों की निगरानी में संपन्न हुआ है। संबंधित अधिकारियों ने प्रत्येक गांव का दौरा कर जरूरतमंद परिवारों की जानकारी एकत्रित की। इसके बाद प्राप्त आंकड़ों की डिजिटल एंट्री और सत्यापन किया गया। अब प्रशासनिक स्तर पर लाभार्थियों के दस्तावेजों की जांच की जाएगी। पात्र पाए जाने पर नियमानुसार आर्थिक सहायता दी जाएगी। (एचडीएम)

इस योजना का लाभ केवल उन्हीं परिवारों को मिलेगा, जिनके पास पास पक्का मकान नहीं है। जो गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे हैं। डिजिटल तकनीक के इस उपयोग से पारदर्शिता में वृद्धि होने और फर्जीवाड़े पर रोक लगाने में सहायता मिलने की संभावना अधिकारियों द्वारा जताई जा रही है।

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