मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक, लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में कैबिनेट की बैठक हुई जिसमें कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर निर्णय लिया गया। वहीं, बैठक में निर्णय लिया गया कि एनएच और स्टेट हाईवे के किनारे भवन निर्माण के लिए नक्शा अनिवार्य होगा। वहीं, मंत्री सतपाल महाराज ने कैबिनेट में फिर सीआर का मुद्दा उठाया। जिसके बाद मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को अगली कैबिनेट में प्रस्ताव लाने के दिए निर्देश दिए।

• एक लाख किसानों को रोजगार, पॉलीहाउस लगाने को 80 प्रतिशत अनुदान
मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु ने बताया कि हिमाचल राज्य की तर्ज पर प्रदेश में फल, फूल और सब्जी की पैदावर के लिए प्रदेश में बड़ी संख्या में पॉलीहाउस लगाने का फैसला किया गया है। कैबिनेट ने मंगलवार को प्रदेश में 17648 पॉलीहाउस के प्रस्ताव को मंजूरी दी। पॉलीहाउस लगाने के लिए किसानों को 80 प्रतिशत का अनुदान डीबीटी के माध्यम से मिलेगा। इस योजना से एक लाख किसानों को रोजगार मिलेगा। एक साल में पॉलीहाउस लगाने का काम पूरा होगा।
• 22 हजार उपनलकर्मियों को हर महीने प्रोत्साहन भत्ता
कैबिनेट ने 22 हजार से अधिक उपनल कर्मियों को हर महीने प्रोत्साहन भत्ता देने की मुराद पूरी कर दी है। अभी उन्हें तीन महीने में एक बार प्रोत्साहन भत्ता मिल रहा था। कनिष्ठ कर्मचारियों को 4800 रुपये तक और वरिष्ठ कर्मचारियों को 5800 रुपये तक प्रोत्साहन बनेगा।
• 679 उत्कृष्ट विद्यालय बनेंगे, कोई कमी नहीं छोड़ेगी सरकार
कैबिनेट ने शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए ज्यादा छात्र संख्या वाले 603 प्राथमिक और 76 उच्च प्राथमिक विद्यालयों को उत्कृष्ट विद्यालय में बदलने का फैसला किया है। यह स्कूल पांच किमी के दायरे में होंगे। सरकार इन स्कूलों में सभी सुविधाएं जुटाएगी। इनमें कक्ष, फर्नीचर से लेकर शिक्षकों तक की कोई कमी नहीं रहेगी। पहले चरण में चयनित इन स्कूलों को जारी शैक्षणिक सत्र से ही सेंटर ऑफ एक्सलेंस में बदला जाएगा।
• नहीं काटने होंगे चक्कर बैंक में ई-स्टाम्प की होगी सुविधा
ऋण लेने के लिए स्टाम्प पेपर की सुविधा अब बैंकों में ही मिल जाएगी। बैंकों में ई-स्टाम्प की सुविधा उपलब्ध कराएंगे। कैबिनेट ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत प्रस्ताव को मंजूरी दी।

1. अवस्थापना विकास व निवेश बोर्ड बनेगा, आएगा अध्यादेश

कैबिनेट ने राज्य में विभागों में पीपीपी मोड वाले प्रोजेक्टों के लिए निवेश जुटाने, लैंड बैंक बनाने व अवस्थापना विकास से जुड़े अन्य कार्यों के लिए उत्तराखंड निवेश और अवस्थापना विकास बोर्ड बनाने के लिए अध्यादेश के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

2. निगम और पालिका क्षेत्र होम स्टे योजना का अनुदान नहीं मिलेगा

प्रदेश में नगर निगम व नगर पालिका क्षेत्र में होम स्टे बनाने पर पंडित दीन दयाल उपाध्याय होम स्टे विकास योजना के तहत अनुदान (सब्सिडी) का लाभ नहीं मिलेगा। केवल नगर पंचायतों और ग्रामीण क्षेत्रों में ही होम स्टे बनाने पर सब्सिडी मिलेगी।

3. नीलकंठ महादेव की डीपीआर को मंजूरी

कैबिनेट ने ऋषिकेश से नीलकंठ महादेव की 465 करोड़ रुपये की डीपीआर को मंजूरी दे दी है। इसकी जल्द निविदा होगी। दो साल में प्रोजेक्ट बनकर तैयार होगी। 6585 मीटर लंबे रोपवे के चार पड़ाव होंगे। मेट्रो कॉरपोरेशन पीपीपी मोड पर तैयार कराएगा।

4. लोकसेवा आयोग के लिए संविदा के 30 पद मंजूर

हजारों की संख्या बैकलॉग भर्ती के दबाव से निपटने के लिए उत्तराखंड राज्य लोक सेवा आयोग में संविदा के आधार पर 30 पदों को मंजूरी दे दी गई है।

5. जारी रहेगी बिल लाओ, ईनाम पाओ योजना

जीएसटी में बढ़ोतरी को देखते हुए कैबिनेट ने वित्त विभाग की बिल लाओ,ईनाम पाओ योजना को एक साल के लिए बढ़ा दिया है।

6. जिला योजना समिति की बैठक के लिए अब एक तिहाई कोरम

कोरम के अभाव में बार-बार स्थगित होने वाली जिला योजना समिति की बैठकें अब समय पर हो सकेंगी। कैबिनेट ने बैठक के लिए जरूरी 50 प्रतिशत कोरम की शर्त को कम कर एक तिहाई कर दिया है। पहली बैठक स्थगित होने पर दूसरी बैठक के लिए एक चौथाई कोरम की आवश्यकता होगी।

7. तिब्बती समुदाय के लोगों के नक्शे का शुल्क माफ

राजधानी में तरला नांगल में तिब्बती शरणार्थियों को सरकार ने निशुल्क जमीन उपलब्ध कराई थी। यहां शरणार्थियों के आवास बनने हैं, जिनके नक्शे का शुल्क 65 लाख 71 हजार रुपये है। कैबिनेट ने इस शुल्क को माफ कर दिया है। इससे तिब्बती शरणार्थियों को घर बनाने में काफी आसानी होगी।

8. यूकेपीएससी को मिलेंगे 30 कर्मचारी

उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने शासन को नए कर्मचारियों को लेकर प्रस्ताव भेजा था। कैबिनेट ने इस पर मुहर लगा दी। इसके तहत राज्य लोक सेवा आयोग में संविदा पर 30 कर्मचारी रखे जाएंगे। इससे आयोग का बोझ कम होगा।

9. गदरपुर चीनी मिल की जमीन सिडकुल खरीदेगा

गदरपुर चीनी मिल की जमीन को खरीदने का प्रस्ताव सिडकुल ने दिया था, जिस पर कैबिनेट ने मुहर लगा दी। अब मिल की जमीनों को सिडकुल खरीदेगा। इसे बेचने पर जो रकम मिलेगी, उससे प्राप्त धनराशि का खाता खोला जाएगा। सिडकुल के प्रस्ताव से अधिक धनराशि मिलने पर वह राज्य सरकार, गदरपुर चीनी मिल के कस्टोडियन उत्तराखंड शुगर्स को वापस किया जाएगी।

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