हरिद्वार:- धर्मनगरी हरिद्वार में कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़ियों और पुलिसकर्मियों के बीच विवाद का मामला सामने आया है। चंडीघाट चौराहे का बताया जा रहा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें कांवड़ियों का एक समूह पुलिसकर्मियों से बहस करता नजर आ रहा है। इस दौरान एक कांवड़िए ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी पर गंभीर आरोप लगाए और उसके नशे में होने का दावा किया। हालांकि, पुलिस ने इन आरोपों को खारिज किया है। हरिद्वार के एसपी सिटी अभय सिंह के मुताबिक, संबंधित पुलिसकर्मी का मेडिकल परीक्षण कराया गया था, जिसमें नशे के सेवन की पुष्टि नहीं हुई। हाईवे पर जाने से रोकने पर हुआ विवाद एसपी सिटी अभय सिंह ने बताया कि घटना 4 अगस्त की रात की है। कांवड़ियों को हाईवे की ओर जाने से रोका गया था। कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और यातायात को नियंत्रित रखने के लिए पुलिस ने उन्हें निर्धारित मार्ग से जाने के लिए कहा था। इसी बात को लेकर कुछ कांवड़िए नाराज हो गए और पुलिसकर्मियों के साथ उनकी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते स्थिति विवाद में बदल गई। हालांकि पुलिस ने बाद में कांवड़ियों को समझाया और उन्हें शांत कराकर सुरक्षित रवाना कर दिया। पुलिसकर्मी पर नशे का आरोप, मेडिकल में नहीं हुई पुष्टि वायरल वीडियो में एक कांवड़िया ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी पर नशे में होने के साथ-साथ कांवड़ खंडित करने का आरोप लगाता दिखाई दे रहा है। वीडियो में कांवड़िया पुलिसकर्मी के पीछे काफी दूर तक जाता हुआ भी नजर आता है। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित पुलिसकर्मी का मेडिकल परीक्षण कराया। एसपी सिटी के अनुसार, जांच में किसी भी प्रकार के नशे के सेवन की पुष्टि नहीं हुई। ऐसे में पुलिसकर्मी के शराब के नशे में होने का आरोप निराधार पाया गया। चंडीघाट चौराहे पर ड्यूटी में तैनात थी पुलिस एसपी सिटी अभय सिंह ने बताया कि चंडीघाट चौराहा हरिद्वार के व्यस्ततम चौराहों में शामिल है। कांवड़ यात्रा के दौरान यहां यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को संभालने के लिए पुलिसकर्मी लगातार मुस्तैदी से ड्यूटी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इसी दौरान कांवड़ियों और पुलिस के बीच मामूली विवाद की स्थिति बनी थी। पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए संबंधित कांवड़िए को गंगाजल उपलब्ध कराया और उसे सुरक्षित तरीके से आगे रवाना किया। पुलिस ने अफवाहों से बचने की अपील की एसपी सिटी ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले वीडियो या दावों को बिना पुष्टि के सही न मानें और किसी भी तरह की अफवाह या भ्रामक जानकारी फैलाने से बचें। पुलिस के अनुसार, वायरल हो रहे वीडियो कांवड़ियों ने अपने मोबाइल फोन से बनाए थे। वीडियो में लगाए गए आरोपों के बाद संबंधित पुलिसकर्मी की मेडिकल जांच कराई गई, लेकिन नशे की पुष्टि नहीं हुई। Please follow and like us: Share Post Share Post navigation धामी सरकार में 34 हजार से ज्यादा युवाओं को मिली सरकारी नौकरी, अब 2500 पदों की तैयारी SIR प्रक्रिया पर भाजपा का जवाब- किसी का वोट नहीं कट रहा, सिर्फ सत्यापन हो रहा