गुरूवार को मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने सचिवालय में पिरूल से आजीविका सृजन, वैकल्पिक ईंधन आदि के क्षेत्र में कार्य करने के इच्छुक विभिन्न उद्यमियों के साथ विचार विमर्श करते हुए उनके सुझाव मांगे। इस दौरान उन्होंने एक कॉर्पस फंड बनाए जाने के निर्देश दिए। सीएस ने उद्यमियों को शुरूआती सहायता प्रदान किए जाने हेतु पहले 5 सालों में उद्यमियों द्वारा दिए जाने वाले GST का 70% सब्सिडी दिए जाने के भी निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि इस दिशा में विभिन्न पर्वतीय प्रदेशों में प्रयोग हो रही बेस्ट प्रेक्टिसेज को भी प्रदेश में अपनाया जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि पिरूल के ट्रांसपोर्टेशन में कोई समस्या न हो इसके लिए ई-रवन्ना जारी करते हुए इसकी ट्रांजिट फीस को न्यूनतम किया जाए। सीएस ने कहा कि ईंधन के रूप में प्रयोग होने वाले ब्रिकेट्स/पैलेट्स की मार्केटिंग आदि की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि वनों से पिरूल का अधिक से अधिक निस्तारण हो सके इसके लिए इसके विभिन्न उत्पादों को बढ़ावा दिए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने वन विभाग और एमएसएमई को इस दिशा में कार्य कर रहे उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों को हर सम्भव सहायता उपलब्ध कराए जाने की बात कही। बैठक में प्रमुख वन संरक्षक (HoFF) विनोद कुमार, सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, विजय कुमार यादव एवं निदेशक उरेडा रंजना राजगुरू सहित पिरूल से सम्बन्धित विभिन्न उद्यमी उपस्थित थे। Please follow and like us: Share Post Share Post navigation मुख्य सचिव- मोबाइल वैन में ब्लड सैम्पल आदि के साथ ही पोर्टेबल एक्स-रे मशीनों की उपयोगिता पर किया जाए मंथन बार संचालक के खिलाफ कार्रवाई न करना जाखन चौकी इंचार्ज को पड़ा महंगा