राष्ट्रीय बालिका दिवस पर बोले मुख्यमंत्री, प्रदेश की बेटी का अपमान करने वाले पर होगी कठिन कार्रवाई - Uttarakhand Samachar

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर परेड ग्राउण्ड देहरादून स्थित नवीन बहुद्देशीय हॉल में ‘महिलाओं की खेल में सहभागिता’ विषय पर आयोजित सेमिनार में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न खेलों में सराहनीय प्रदर्शन करने वाले महिला खिलाड़ियों को सम्मानित भी किया।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सभी बालिकाओं को राष्ट्रीय बालिका दिवस की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय बालिका दिवस महिला सशक्तिकरण को लेकर हमारी प्रतिबद्धता को दोहराने और बालिकाओं को जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सशक्त बनाने के लिए चल रहे प्रयासों को और अधिक मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।

बेटियां हमारी शान, मान एवं अभिमान – मुख्यमंत्री

उन्होंने कहा कि बेटियों की सुरक्षा हम सभी की जिम्मेदारी है। राज्य का मुख्य सेवक होने के नाते प्रदेश की किसी भी बेटी का अपमान करने वाले के खिलाफ हम कठोरतम कार्रवाई करने से कभी पीछे नहीं हटेंगे। हमारी बेटियां हमारी शान, मान एवं अभिमान हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में तीलू रौतेली, टिंचरी माई, गौरा देवी, चन्द्रप्रभा ऐतवाल, गंगोत्री गर्ब्याल और बछेंद्री पाल, वंदना कटारिया जैसे अनेक नाम हैं जिन्होंने हर चुनौती को छोटा साबित करते हुए प्रदेश का मान और सम्मान बढ़ाया। आज हमारी बेटियों ने हर क्षेत्र में अपना एक अलग मुकाम बनाया है और प्रदेश का नाम रोशन किया है। शिक्षा से लेकर खेल के मैदान और वैज्ञानिक अनुसंधान से लेकर सेना के अभियान तक में हमारी बेटियां बढ़ चढ़ कर हिस्सा ले रही हैं।

महिलाओं के लिए राज्य में सरकारी नौकरियों का 30 % आरक्षण

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार तथा राज्य सरकार द्वारा प्रारंभ की गई विभिन्न योजनाएं हमारी बेटियों को और अधिक आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने में सहयोग प्रदान कर रही हैं। राज्य सरकार ने सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण देने का प्राविधान किया है। उन्होंने कहा कि कुछ माह पूर्व ही राज्य सरकार द्वारा प्रदेश की 80 हजार बालिकाओं को 323 करोड़ रुपये की धनराशि “नंदा गौरा योजना“ के अंतर्गत हस्तांतरित की गई थी। जो निश्चित ही हमारी बेटियों के बेहतर भविष्य की नींव रखने में काम आएगी।

‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’

मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यालयों मे बेटियों के नामांकन में बढ़ोतरी हुई है और लिंगानुपात में सुधार हुआ है, इससे स्पष्ट है कि बेटियों के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाएं सफल हो रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जीके नेतृत्व में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ के मूलमंत्र को लेकर राज्य सरकार ने भी बेटियों के जन्म से लेकर उनकी शिक्षा,स्वास्थ और कौशल विकास तक के लिए विभिन्न योजनाएं प्रारंभ की हैं, जिनमें “महालक्ष्मी किट योजना“,“खुशियों की सवारी“ योजना, “नंदा गौरा“ योजना, “मुख्यमंत्री आंचल अमृत“ योजना,“मुख्यमंत्री महिला पोषण“ जैसी योजनाएं चलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि 2025 में उत्तराखंड राज्य स्थापना की रजत जयंती मनाएगा, उत्तराखंड को सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का जो लक्ष्य रखा है, उसमें हमारी बेटियों और मातृशक्ति की अहम भूमिका होगी।

इस अवसर पर महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास खेल मंत्री रेखा आर्या,
विधायक खजान दास, सविता कपूर, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल, खेल निदेशक जितेन्द्र सोनकर एवं राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से आई बालिकाएं मौजूद थी।

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