जोशीमठ पहुंचे कांग्रेस नेता, भू धंसाव से प्रभावित परिवारों से की मुलाकात, लिया राहत एवं पुनर्वास कार्यों का जायजा

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जोशीमठ: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा, प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य एवं पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल सहित बद्रीनाथ विधायक राजेंद्र भंडारी ने किया जोशीमठ क्षेत्र के आपदाग्रस्त क्षेत्रों का सघन दौरा। पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर राहत एवं पुनर्वास कार्यों जायजा भी लिया। आज प्रातः कांग्रेस नेताओं ने जोशीमठ पहुंच कर भू-धंसाव वाले क्षेत्रों में पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण करने के साथ ही भू वैज्ञानिकों, पर्यावरण विदों एवं प्रशासनिक अधिकारियों से भी वार्ता की।

इस अवसर पर प्रदेश प्रभारी देवेन्द्र यादव ने कहा कि जोशीमठ की वर्तमान स्थिति की तस्वीरें काफी भयभीत करने वाली हैं। जोशीमठ में भू-धंसाव के कारण आई आपदा पर चिंता प्रकट करते हुए कहा कि प्रभावित क्षेत्र के लोगों का तत्काल पुनर्वास सुनिश्चित करने के साथ ही इस ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थल जोशीमठ नगर को बचाने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। देवेंद्र यादव ने जोशीमठ की स्थिति का जायजा लेते हुए कहा यहां विकास के नाम पर विनाश हो रहा है जिस पर उन्होंने अपनी गहरी चिंता जताई और केन्द्र व राज्य सरकार से तत्काल राहत कार्य में तेजी लाने का अनुरोध किया। उन्होंने राज्य एवं केन्द्र सरकार से आपदाग्रस्त क्षेत्र के लिए विशेष पैकेज देने की मांग की।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने स्थानीय लोगों एवं कांग्रेसजनों से जोशीमठ आपदा मामले में चर्चा करते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं से आपदाग्रस्त क्षेत्र के लोगों की हर संभव सहायता का आह्रवान करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी इस आपदा की घडी में पीडित परिवारों के साथ खडी है। आपदा ग्रस्त क्षेत्रों का दौरा करते समय प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि सरकार की ओर से जो इंतजामात किये जाने चाहिए थे वे नहीं किये गये हैं जिससे लोगों को काफी तकलीफों का सामना करना पड़ रहा है। करन माहरा ने कहा कि भू वैज्ञानिकों एवं पर्यावरण विदों के सुझावों पर अमल करने के लिए तत्काल कदम उठाये जाने चाहिए जिससे धर्म नगरी जोशीमठ नगर के अस्तित्व पर आये इस संकट को टाला जा सके तथा भविष्य में होने वाली भयावह त्रासदी से होने वाली जनहानि को रोका जा सके।

नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि जोशीमठ आपदा मामले को गम्भीरता से लिया जाना चाहिए तथा जानमाल एवं पर्यावरण की रक्षा के लिए वैज्ञानिकों द्वारा दिये गये सुझाव के अनुरूप जोशीमठ क्षेत्र में बडे निर्माण कार्य एवं सुरंगें खोदने का काम तुरंत बन्द किया जाना चाहिए। उन्होने कहा कि भूगर्भ वैज्ञानिकों द्वारा वर्षों पूर्व दी गई स्पष्ट चेतावनी के बावजूद राज्य सरकार भविष्य में होने वाली भवानक त्रासदी के प्रति असंवेदनशील बनी रही जिसके कारण आज जोशीमठ क्षेत्र में सैकडों आवासीय मकानों में दरारे आने के बाद स्थानीय जनता के सामने संकट खड़ा हो गया है।

इस दौरान कांग्रेस के सभी नेतागण कर्णप्रयाग तथा गोपेश्वर भी गए जहां पर उन्होंने भूधंसाव से हो रहे नुकसान का जायजा लिया तथा स्थानीय प्रशासन एवं राहत कार्यों में जुटे अधिकारियों से वार्ता की। कांग्रेस नेताओं ने कर्णप्रयाग के बहुगुणा नगर के 36 प्रभावित परिवारों से मुलाकात की जिनकी स्थिति बहुत ही नाजुक व चिंतनीय है जिनका जोशीमठ की भांति भू धंसाव से भारी नुकसान हुआ है। इन परिवारों के मकान बहुत ही बुरी स्थिति में है जिन्हें सरकार ने 2 माह से विस्थापित किया हुआ है लेकिन रात्रि विश्राम के लिए कुछ इंतजाम के अलावा उनको किसी भी रूप में कोई आर्थिक सहायता सरकार की ओर से नहीं दी गई है। कांग्रेस नेताओं ने सरकार से आग्रह करते हुए आपदाग्रस्त क्षेत्र के लोगों का जल्दी से जल्दी पुनर्वास करने तथा पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता का अनुरोध किया।

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