धामी सरकार का अगला कदम चिंतन शिविर में आए सुझावों को जमीन पर उतारने की तयारी           

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मसूरी में चले तीन दिन के चिंतन शिविर में मिले 500 से अधिक सुझावों में प्रमुख 16 की सूची तैयार की गई है, जिन्हें जमीन पर उतारा जा सकता है। अगले पांच सालों में सरकार तरक्की की नई इबारत लिखने के लिए नया मॉडल तैयार करना चाहती है। इसमें रोजगार और आजीविका के नए अवसर होंगे।

जनसुविधाओं के साथ सरकार पर खर्च का दबाव कम होगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मुताबिक, चिंतन शिविर में आए सभी प्रमुख सुझावों को कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा और सरकार इन पर कार्यवाही के लिए तेजी से आगे बढ़ेगी।

शहरीकरण के लिए 

  • 12 नए शहर बनेंगे, भूमि का चयन पूरा
  • शहरों में कचरा निस्तारण के लिए निजी क्षेत्र की भागदारी, सियोल मॉडल अपनाएंगे
  • निकाय की इनकम में बढ़ोतरी के उपाय होंगे, विशेषज्ञ की तैनाती की जाएगी

अवस्थापना व संचार कार्य

  • टनल, एलिवेटेड रोड, रोपवे बनाएंगे, ताकि कम कार्बन उत्सर्जन और रखरखाव की कम लागत वाली अवस्थापना तैयार हो
  • हेली टैक्सी सेवा को सभी बढ़े पर्यटन केंद्रों में शुरू होंगी, जौलीग्रांट एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाया जाएगा
  • अवस्थापना की बड़ी योजनाओं में जीआईएस बेस प्लानिंग होगी
  • नगारिकों को सेवाएं देने में डाटा और ऑर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का प्रयोग

दक्ष मानव संसाधन तैयार करेंगे

  • औद्योगिक संस्थानों के पाठ्यक्रम को व्यावहारिक और बाजार की जरूरत के हिसाब से तैयार किया जाएगा। डिजाइन, इंटर्नशिप, काउंसिलिंग और प्लेसमेंट की व्यवस्था होगी।
  • प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च शिक्षा व तकनीकी शिक्षा विभाग का एक साझा वर्किंग ग्रुप बनेगा।

पैदावर दोगुना करने का लक्ष्य

  • अगले सात वर्षों में उद्यानिकी क्षेत्र में पैदावर को दोगुना करना है। किसानों को गुणवत्ता युक्त पौधे बीज उपलब्ध कराए जाएंगे।
  • पहाड़ में जंगली जानवरों से फसलों को बचाने के लिए समयबद्ध रणनीति बनेगी।
  • पर्वतीय जिलों की आर्थिक विषमता को कम करने के लिए छोटे उद्योग, पर्यटन और उद्यानिकी पर खास फोकस होगा

सरकार की कमाई बढ़ानी होगी
13. राज्य में निर्माण कार्यों (पूंजीगत अवसंरचना) पर बजट का 16 फीसदी खर्च होता है। इसे बढ़ाया जाएगा। राजस्व के लिए संपत्तियों को मुद्रीकरण होगा। खनन, स्टाम्प एवं पंजीकरण शुल्क को युक्तिसंगत बनाया जाएगा। इको सिस्टम सेवाओं का कार्बन क्रेडिट के माध्यम से मुद्रीकरण होगा।

स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार

  • दूरस्थ क्षेत्रों में सेटेलाइट केंद्रों (एम्स ऋषिकेश व दून अस्पताल) के माध्यम से सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाएं देंगे। जिला अस्पतालों के स्टाफ की क्षमताओं को बढ़ाया जाएगा
  • अस्पतालों में डॉक्टरों, नर्सों व अन्य स्टाफ की कमी को दूर किया जाएगा और गैर संचारी रोगों की रोकथाम के लिए आयुष के साथी प्रभावी रणनीति बनेगी।

प्रभावी नियोजन से होगा जल प्रबंधन

  • जल प्रबंधन के लिए पेयजल, सिंचाई और वन विभाग के बीच बेहतर समन्वय से प्रभावी नियोजन और क्रियान्वयन की योजना बनेगी। जल जीवन मिशन के तहत जल संरक्षण व संवर्द्धन का कार्य होगा।

सुझावों पर अमल के लिए उठेगा अगला कदम

सरकार का अगला कदम चिंतन शिविर में आए सुझावों को जमीन पर उतारने के लिए उठाया जाएगा। अमेरिकी फर्म मैकेन्जी ग्लोबल की मदद से सरकार जिन क्षेत्रों को चुनेगी, उनके लिए निवेश और वित्तीय संसाधन जुटाने के उपाय तलाशे जाएंगे। कनेक्टिविटी और संचार नेटवर्क के लिए पीपीपी मोड का सहारा लेगी, जो कार्य केंद्र पोषित, वाह्य सहायतित व अन्य फंडिंग एजेंसी से कराना संभव होगा, उनके लिए अलग से रणनीति बनेगी।

 

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