गुजरात के केवड़िया (एकता नगर) में आयोजित ‘भारत पर्व एवं राष्ट्रीय एकता दिवस-2026’ में उत्तराखंड की लोक संस्कृति और परंपराओं की विशेष झलक देखने को मिल रही है। 28 अक्टूबर से शुरू हुआ यह आयोजन 15 नवंबर तक चलेगा। सरदार वल्लभभाई पटेल की स्मृति में आयोजित इस राष्ट्रीय कार्यक्रम में देवभूमि उत्तराखंड के लोकनृत्य, पारंपरिक खान-पान, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। पीएम नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड की टीम की सराहना की 30 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एकता नगर में आयोजित प्रदर्शनी और विभिन्न राज्यों के स्टॉलों का निरीक्षण किया। इस दौरान उत्तराखंड की टीम की प्रस्तुति ने उनका ध्यान आकर्षित किया। कलाकारों और अधिकारियों के संयुक्त दल ने अनुशासन, ऊर्जा और आपसी तालमेल के साथ अपनी प्रस्तुति दी। प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड की टीम के प्रयासों की सराहना की, जिससे कलाकारों और अधिकारियों का उत्साह बढ़ा। उत्तराखंड का यह दल राष्ट्रीय मंच पर राज्य की सांस्कृतिक पहचान और लोक परंपराओं को प्रदर्शित कर रहा है। पवेलियन में पहाड़ी व्यंजन और हस्तशिल्प बने आकर्षण उत्तराखंड के पर्यटन, संस्कृति और ग्राम्य विकास विभाग की ओर से लगाए गए पवेलियन में प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया गया है। यहां स्थानीय पहाड़ी व्यंजनों, पारंपरिक कला-सामग्री और हस्तशिल्प से जुड़े स्टॉल लगाए गए हैं, जहां देशभर से पहुंचे लोग उत्तराखंड के पारंपरिक स्वाद और शिल्पकला से रूबरू हो रहे हैं। पवेलियन में उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटन स्थलों, धार्मिक धामों और साहसिक पर्यटन की संभावनाओं की जानकारी भी दी जा रही है। वहीं, पारंपरिक रंग-बिरंगे परिधानों में कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दर्शकों को आकर्षित कर रही हैं। ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मिल रहा बढ़ावा भारत पर्व में विभिन्न राज्यों की संस्कृति, परंपराओं और खान-पान को एक मंच पर प्रस्तुत किया जा रहा है। उत्तराखंड के पर्यटन विभाग सहित सहयोगी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने आयोजन में सहभागिता करते हुए राज्य की सांस्कृतिक पहचान को सामने रखा है। यह आयोजन विभिन्न राज्यों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान और राष्ट्रीय एकता की भावना को बढ़ावा दे रहा है। उत्तराखंड के पर्यटन सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल ने टीम को इस प्रदर्शन के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि कलाकारों और अधिकारियों के सामूहिक प्रयासों से राष्ट्रीय मंच पर उत्तराखंड की संस्कृति और विरासत को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है। 15 नवंबर तक चलने वाले इस आयोजन में उत्तराखंड की लोक संस्कृति, पारंपरिक व्यंजनों, हस्तशिल्प और पर्यटन स्थलों को देशभर के लोगों के सामने प्रस्तुत करने का सिलसिला जारी रहेगा। Please follow and like us: Share Post Share Post navigation ऑल इंडिया फायर सर्विस स्पोर्ट्स मीट में उत्तराखंड का शानदार प्रदर्शन, 9 पदकों के साथ तीसरा स्थान धामी सरकार का विकास कार्यों पर बड़ा फैसला, 805 करोड़ से अधिक की योजनाओं को मंजूरी