उत्तराखंड में मानसून अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगा है। पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मौसम शुष्क बना हुआ है। पहाड़ी और मैदानी इलाकों में तापमान बढ़ने के कारण दोपहर के समय तेज धूप देखने को मिल रही है। हालांकि, मौसम विभाग ने 11 सितंबर को उत्तराखंड के सभी जिलों में बारिश की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार, राज्य के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान कुछ इलाकों में गरज के साथ बौछारें पड़ने की भी संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 11 सितंबर को प्रदेश के सभी जनपदों में मौसम का असर देखने को मिल सकता है। हालांकि, बारिश की तीव्रता अलग-अलग क्षेत्रों में अलग रह सकती है। कहीं हल्की बारिश होगी तो कुछ स्थानों पर गरज के साथ तेज बौछारें भी पड़ सकती हैं। बारिश के साथ आकाशीय गर्जना की संभावना को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। खासतौर पर पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और यात्रा करने वालों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी गई है। उत्तराखंड में अगले कुछ दिनों तक मौसम में इसी तरह उतार-चढ़ाव जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, 16 सितंबर तक प्रदेश में मौसम का मिजाज पूरी तरह साफ रहने की संभावना नहीं है और कई स्थानों पर बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। वहीं, सितंबर की शुरुआत उत्तराखंड के लिए बारिश के लिहाज से काफी अच्छी रही है। महीने के पहले सप्ताह में प्रदेश में सामान्य से काफी अधिक वर्षा दर्ज की गई। इस दौरान राज्य में कुल 143 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर के पहले सप्ताह में सामान्य तौर पर करीब 80 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी। इसके मुकाबले 143 मिलीमीटर बारिश दर्ज होने से प्रदेश में इस अवधि के दौरान सामान्य से 78 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई। हालांकि, प्रदेश के सभी जिलों में बारिश का असर एक जैसा नहीं रहा। कुछ जिलों में सामान्य से काफी ज्यादा बारिश हुई, जबकि कुछ इलाकों में इसका प्रभाव अपेक्षाकृत कम रहा। यानी राज्य में बारिश का वितरण जिलावार अलग-अलग देखने को मिला। अब मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने के साथ प्रदेश में दिन के समय गर्मी और धूप का असर बढ़ रहा है। इसके बावजूद मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के चलते 11 सितंबर को कई हिस्सों में बारिश होने की उम्मीद है। ऐसे में आने वाले दिनों में उत्तराखंड के मौसम में धूप और बारिश दोनों का मिला-जुला असर देखने को मिल सकता है। Please follow and like us: Share Post Share Post navigation 13 ग्लेशियर झीलें संवेदनशील, 5 कैटेगरी-A में; उत्तराखंड में खतरे के बीच कितनी तैयारी? देहरादून सचिवालय में आज जुटेगी धामी कैबिनेट, पर्यटन-ऊर्जा समेत कई विभागों के प्रस्तावों पर चर्चा