National Commission for Safai Karamcharis: मकवाना अध्यक्ष, कैशब बिहारी उपाध्यक्ष; 2028 तक रहेंगी नियुक्तियां - Uttarakhand Samachar

देहरादून:-  केंद्र सरकार ने उत्तराखंड के भाजपा नेता भगवत प्रसाद मकवाना को राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया है। कैबिनेट सचिवालय की ओर से 6 सितंबर 2026 को जारी आदेश में आयोग के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति की जानकारी दी गई है। नई नियुक्तियां आयोग के मौजूदा कार्यकाल यानी 31 मार्च 2028 तक प्रभावी रहेंगी। मकवाना की नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब उत्तराखंड में हल्द्वानी के शुद्धिकरण विवाद को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी टकराव तेज है। कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर 7 सितंबर को मुख्यमंत्री आवास कूच का ऐलान किया है। ऐसे में भाजपा नेता की नियुक्ति को राजनीतिक तौर पर भी अहम माना जा रहा है।

राहुल गांधी पर मुकदमे के बाद बढ़ा सियासी विवाद

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ एससी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज होने के बाद कांग्रेस ने भाजपा के खिलाफ अपना रुख और आक्रामक किया है। इसके जवाब में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के खिलाफ कर्नाटक में जीरो एफआईआर दर्ज की गई है। बताया जा रहा है कि यह मामला आगे हल्द्वानी स्थानांतरित हो सकता है। ऐसी स्थिति में उत्तराखंड पुलिस को मामले में नियमानुसार कार्रवाई करनी पड़ सकती है।

31 मार्च 2028 तक प्रभावी रहेंगी नियुक्तियां

कैबिनेट सचिवालय के 6 सितंबर 2026 के आदेश के मुताबिक आयोग में की गई नई नियुक्तियां मौजूदा आयोग के कार्यकाल की समाप्ति तक प्रभावी रहेंगी। आयोग का कार्यकाल 31 मार्च 2028 को पूरा होगा। आदेश के अनुसार सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से भेजे गए प्रस्ताव को प्रधानमंत्री की मंजूरी मिलने के बाद इन नियुक्तियों को अंतिम रूप दिया गया है।

कैशब बिहारी को मिली उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी

राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग में कैशब बिहारी को उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वहीं मनोज कुमार बाल्मीकि, सुषमा गौड़ियाल और रवि रामू कालोसे को आयोग का सदस्य बनाया गया है। केंद्र सरकार के आदेश में नियुक्तियों के संबंध में आगे की आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने की जिम्मेदारी सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग को दी गई है।

उत्तराखंड की राजनीति में नियुक्ति के मायने

भगवत प्रसाद मकवाना की नियुक्ति ऐसे वक्त हुई है, जब हल्द्वानी शुद्धिकरण विवाद को लेकर उत्तराखंड की राजनीति में माहौल गर्म है। कांग्रेस जहां इस मुद्दे को लेकर सरकार पर हमलावर है, वहीं भाजपा कांग्रेस के कथित जातिवादी नैरेटिव के विरोध में प्रदर्शन कर रही है। इसी राजनीतिक पृष्ठभूमि में मकवाना को राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग का अध्यक्ष बनाए जाने को भाजपा के लिए दलित वर्ग के बीच राजनीतिक संदेश के तौर पर भी देखा जा रहा है। हालांकि, नियुक्ति का आधिकारिक आधार सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के प्रस्ताव और प्रधानमंत्री की मंजूरी को बताया गया है।

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