महंगाई की मार से घट गई सब्जियों की बिक्री, ग्राहक अब पाव भर खरीदने को मजबूर - Uttarakhand Samachar

हरियाणा में लगातार हो रही बारिश का असर अब आम लोगों की रसोई पर भी दिखाई देने लगा है। बारिश के कारण सब्जियों की आवक और सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, जिसके चलते प्रदेश की कई सब्जी मंडियों में कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल रहा है। हरी सब्जियों के बढ़ते दामों ने घर का बजट बिगाड़ दिया है। रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली कई सब्जियां अब पहले के मुकाबले काफी महंगी हो गई हैं। मंडी आढ़तियों के मुताबिक, बारिश के कारण खेतों से सब्जियों की आवक कम हुई है। दूसरी ओर खराब मौसम के बीच ढुलाई और परिवहन का खर्च भी बढ़ गया है। इसका सीधा असर थोक और खुदरा कीमतों पर पड़ रहा है। मटर के दाम खुदरा बाजार में करीब 180 से 200 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। वहीं अदरक भी 200 से 220 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है।

कुछ सप्ताह पहले 30 से 40 रुपये किलो के आसपास मिलने वाला टमाटर अब बढ़कर करीब 70 से 80 रुपये प्रति किलो हो गया है। यानी इसकी कीमत में काफी तेजी आई है। प्याज के दाम भी बढ़कर करीब 60 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। पहले यह लगभग 30 रुपये किलो के आसपास मिल रहा था। इसके अलावा गोभी, भिंडी, शिमला मिर्च और तौरी जैसी सब्जियों के दाम भी बढ़े हुए हैं। इन सब्जियों की कीमतें कई बाजारों में करीब 60 से 100 रुपये प्रति किलो के बीच बनी हुई हैं। सब्जियों के दाम बढ़ने का सबसे ज्यादा असर आम परिवारों के घरेलू बजट पर पड़ रहा है। पहले जो लोग सप्ताह भर की सब्जियां एक साथ किलो के हिसाब से खरीद लेते थे, अब उन्हें जरूरत के मुताबिक कम मात्रा में खरीदारी करनी पड़ रही है।

कई ग्राहक अब एक किलो की जगह आधा किलो या सिर्फ 250 ग्राम यानी पाव भर सब्जी खरीदकर काम चला रहे हैं। लोगों का कहना है कि रोजाना इस्तेमाल होने वाली सब्जियों के दाम बढ़ने से महीने के खर्च को संभालना मुश्किल हो रहा है। सब्जी विक्रेताओं के सामने भी महंगाई ने नई परेशानी खड़ी कर दी है। दुकानदारों के मुताबिक, कीमतें बढ़ने के बाद ग्राहक पहले की तुलना में कम मात्रा में सब्जियां खरीद रहे हैं। विक्रेताओं का दावा है कि बिक्री में करीब 30 से 40 फीसदी तक की गिरावट आई है। ग्राहक कम खरीदारी कर रहे हैं, जिसका सीधा असर उनकी आमदनी पर पड़ रहा है। आढ़तियों और दुकानदारों का कहना है कि जब तक बारिश का दौर कम नहीं होता और मंडियों में सब्जियों की आवक सामान्य नहीं होती, तब तक कीमतों में राहत मिलना मुश्किल हो सकता है। फिलहाल मौसम और सप्लाई की स्थिति पर सबकी नजर बनी हुई है। अगर बारिश के कारण आवक इसी तरह प्रभावित रही तो आने वाले दिनों में कुछ सब्जियों के दाम और बढ़ने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

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