भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व को लेकर कमिश्नरेट पुलिस ने शहर में सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत कर दी है। पर्व के दौरान मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पुलिस ने विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं। पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह ने शहर के प्रमुख मंदिरों को सुरक्षा घेरे में लेने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि जन्माष्टमी के दौरान मंदिरों और आसपास के क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाए। श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए पुलिस ने मंदिरों के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने की व्यवस्था की है। सुरक्षा के साथ-साथ भीड़ को नियंत्रित करने के लिए भी विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। पुलिस कमिश्नर ने वरिष्ठ अधिकारियों की ड्यूटी लगाई है कि वे रात के समय शहर के अलग-अलग मंदिरों का दौरा करें। इस दौरान अधिकारी मौके पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेंगे। अधिकारी यह भी सुनिश्चित करेंगे कि मंदिरों के बाहर और आसपास पुलिस कर्मचारियों की पर्याप्त मौजूदगी हो। किसी भी स्थान पर सुरक्षा में कमी मिलने पर तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएंगे जन्माष्टमी के दौरान मंदिरों में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के कारण आने-जाने वाले रास्तों पर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी। भीड़ के दबाव को देखते हुए पुलिस यातायात व्यवस्था पर भी नजर रखेगी। मंदिरों के आसपास संदिग्ध गतिविधियों और लावारिस वस्तुओं पर नजर रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। पुलिस कर्मचारियों को किसी भी संदिग्ध स्थिति की सूचना तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए कहा गया है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत मंदिर परिसर के साथ-साथ मुख्य प्रवेश और निकास मार्गों की भी निगरानी की जाएगी। भीड़ अधिक होने की स्थिति में श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने पर जोर रहेगा। पुलिस अधिकारियों के रात्रि निरीक्षण का उद्देश्य मौके पर तैनात कर्मचारियों की मौजूदगी और सुरक्षा इंतजामों की वास्तविक स्थिति की जांच करना है। इससे किसी भी कमी को समय रहते दूर किया जा सकेगा। कमिश्नरेट पुलिस ने श्रद्धालुओं से भी अपील की है कि वे सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। पुलिस का कहना है कि जन्माष्टमी के पावन पर्व को शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न करवाना प्राथमिकता है। इसके लिए मंदिरों के आसपास लगातार निगरानी रखी जाएगी और जरूरत के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था को और बढ़ाया जाएगा। जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिरों में होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों और श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की लापरवाही न हो और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए समय रहते आवश्यक कदम उठाए जाएं। Please follow and like us: Share Post Share Post navigation पहले अदालत और स्कूल, अब जिला परिषद को धमकी; मान के बठिंडा दौरे से पहले सुरक्षा अलर्ट मारपीट के दावे वाला इंटरव्यू वायरल, CJP समर्थकों ने थाने के बाहर उठाई कार्रवाई की मांग