देहरादून: उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 से पहले स्थानीय ठेकेदारों और युवाओं से जुड़ा एक अहम प्रस्ताव सामने आया है। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर प्रदेश में बड़े निर्माण कार्यों के ठेकों को छोटे-छोटे पैकेज में बांटने की मांग की है। महाराज का कहना है कि बड़े ठेकों को छोटे पैकेज में विभाजित करने से स्थानीय ठेकेदारों को काम पाने के ज्यादा अवसर मिलेंगे। साथ ही इससे प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुल सकते हैं। बड़े ठेकों को छोटे पैकेज में बांटने की मांग मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान सतपाल महाराज ने लोक निर्माण और सिंचाई विभाग से जुड़े बड़े ठेकों को छोटे पैकेजों में विभाजित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि मौजूदा व्यवस्था में बड़े कार्यों के ठेके सीमित कंपनियों या ठेकेदारों तक सिमट सकते हैं, जबकि छोटे पैकेज बनने से स्थानीय स्तर पर अधिक लोगों को भागीदारी का अवसर मिलेगा। मंत्री ने मुख्यमंत्री से प्रदेशहित और स्थानीय युवाओं के हितों को ध्यान में रखते हुए इस दिशा में प्रभावी व्यवस्था लागू करने का अनुरोध किया। स्थानीय युवाओं को मिलेंगे रोजगार के अवसर सतपाल महाराज ने कहा कि छोटे पैकेज में कार्य आवंटित होने से स्थानीय ठेकेदारों की भागीदारी बढ़ सकती है। इसका सीधा फायदा स्थानीय स्तर पर काम करने वाले लोगों और युवाओं को मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर अधिक ठेकेदारों को काम मिलने से आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं। विकास कार्यों में भी आएगी तेजी मंत्री के मुताबिक, बड़े प्रोजेक्ट्स को छोटे पैकेज में बांटने से केवल स्थानीय ठेकेदारों को लाभ नहीं होगा, बल्कि विकास कार्यों के क्रियान्वयन में भी तेजी आ सकती है। अलग-अलग पैकेजों पर एक साथ काम होने से परियोजनाओं को निर्धारित समय में पूरा करने में मदद मिल सकती है। उन्होंने इसे प्रदेश में स्थानीय सहभागिता बढ़ाने और विकास कार्यों को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। CM धामी ने दिया सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सतपाल महाराज के प्रस्ताव को गंभीरता से सुना। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में नियमानुसार आवश्यक परीक्षण कराने और सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिया। अब निगाह इस बात पर है कि सरकार बड़े ठेकों को छोटे पैकेजों में बांटने के प्रस्ताव पर क्या फैसला लेती है। अगर व्यवस्था लागू होती है तो इसका असर स्थानीय ठेकेदारों के साथ-साथ निर्माण क्षेत्र में काम करने वाले युवाओं पर भी पड़ सकता है। Please follow and like us: Share Post Share Post navigation Uttarakhand SIR News: फॉर्म-7 की शिकायतों की होगी जांच, अनियमितता मिली तो कार्रवाई 15 अगस्त को देहरादून जाने से पहले पढ़ लें ट्रैफिक एडवाइजरी, यहां रहेगा नो-एंट्री