मेले में 1.20 करोड़ की 12 आर्थिक गतिविधियों और 10 सीएलएफ योजनाओं का लोकार्पण

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नगर पालिका मुनि की रेती ढालवाला अंतर्गत पूर्णानंद खेल मैदान में दस दिवसीय कला, संस्कृति एवं व्यापार का संगम सरस आजीविका मेला 2025 का आगाज हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सरस आजीविका मेला, कला, संस्कृति एवं व्यापार का एक अनोखा मंच है। ऐसे मेले स्वदेशी उत्पादों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकल फॉर वोकल कार्यक्रम में सुरक्षित होते हुए नई पहचान दिलाने का काम कर रहे हैं। सोमवार को आयोजित मेले में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से पहुंचीं स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने पहाड़ी उत्पादों का स्टॉल लगाया। स्टॉल में विभिन्न प्रकार की कलाकृतियां, उत्पाद, परिधान आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी, वन मंत्री सुबोध उनियाल, धनोल्टी विधायक प्रीतम सिंह पंवार ने संयुक्त रूप से मेले का उद्घाटन किया। मेले में मुख्यमंत्री ने ग्रामोत्थान की ओर से सहायतित एनआरएलएम (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन) के करीब 1.20 करोड़ की लागत से 12 आर्थिक गतिविधियों का लोकार्पण किया। इसके अलावा करीब एक करोड़ की लागत से 10 सीएलएफ (संकुल स्तरीय संघ) की योजनाओं का लोकार्पण किया। इसके तहत मुख्यमंत्री ने जौनपुर, थौलधार, कीर्तिनगर, देवप्रयाग, जाखणीधार, भिलंगना, प्रतापनगर, चंबा और नरेंद्रनगर ब्लॉक के महिला स्वयं सहायता समूह को चेक वितरित किए। मुख्यमंत्री ने जनपद टिहरी की 11वीं, 12वीं में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को जेईई, नीट की प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए भौतिक विज्ञान की ऑनलाइन कोचिंग क्लास राइजिंग टिहरी का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि राइजिंग ऑनलाइन कोचिंग क्लास एक शानदार नई पहल की गई है। यह महत्वपूर्ण पहल छात्र-छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य में मील का पत्थर साबित होगा।कहा कि ग्रामीण महिलाओं की ओर से उत्पादित स्वदेशी उत्पाद आज मल्टीनेशनल उत्पादों को भी पीछे छोड़ रहे हैं। राज्य सरकार महिला किसानों को सशक्त बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। आजीविका संवर्धन के लिए मुख्यमंत्री महिला सशक्तिकरण योजना के तहत राज्य की लगभग तीन लाख से अधिक महिलाओं की क्षमता एवं कौशल विकास का काम किया है। करीब 534 कलस्टर बनाए गए। 500 फार्म मशीनरी बैंक उपलब्ध कराए गए। आधुनिक खेती से जोड़ने का काम कर रहे हैं। इसके साथ ही राज्य सरकार ने कई कठोर निर्णय लिए हैं। जिसमें समान नागरिक संहिता, भू-कानून आदि शामिल हैं। भाजपा सरकार ने युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले नकल माफियाओं पर नकेल कसने के लिए प्रदेश में देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून भी लागू किया है। जिसका परिणाम है कि पिछले चार वर्षों में राज्य में 25 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी पाने में सफलता प्राप्त हुई है। इस कानून के लागू होने के बाद 1 जुलाई 2026 के बाद उत्तराखंड में केवल वही मदरसे संचालित हो पाएंगे, जिनमें हमारे सरकारी बोर्ड की ओर से निर्धारित पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा। कैबिनेट मेंत्री गणेश जोशी ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि राष्ट्र के विकास में महिलाओं का आत्मनिर्भर होना आवश्यक है और राज्य सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण केे लिए कई योजनाएं चला रही है। देरशाम मेले में लोक गायक पांडवाज की ओर से सुंदर सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई। जिसने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।

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