खलंगा के जंगलों में फेंसिंग को लेकर बवाल स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह जमीन इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (ITBP) को लीज पर दी जा रही है, जिसके तहत रिज़र्व फॉरेस्ट एरिया में तारबाड़ की जा रही है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि जंगल को काटा गया या सीमित किया गया तो इससे पर्यावरण को नुकसान होगा. पर्यावरण प्रेमियों ने शुरू किया जंगल बचाओ आंदोलन प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि सरकार और वन विभाग इस भूमि को संरक्षित क्षेत्र घोषित करें और किसी भी प्रकार की निर्माण या कब्जा प्रक्रिया को तत्काल रोका जाए. साथ ही ITBP को किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर भूमि आवंटित की जाए जिससे वन क्षेत्र की सुरक्षा बनी रहे. मामले ने धीरे-धीरे तूल पकड़ना शुरू कर दिया है. Please follow and like us: Share Post Share Post navigation मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने आपदा तैयारी और त्वरित रिस्पांस पर जोर दिया कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी पर अनियमितताओं के आरोप, हाईकोर्ट में हुई सुनवाई