उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर सियासी हलचल एक बार फिर तेज हो गई है। कांग्रेस ने इस मामले में न्याय की मांग को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ अपना विरोध तेज करने के संकेत दिए हैं। पार्टी न्याय यात्रा के माध्यम से अंकिता को न्याय दिलाने, मामले से जुड़े कथित वीआईपी प्रकरण पर सवाल उठाने और सरकार की जवाबदेही तय करने का मुद्दा जनता के बीच ले जाने की तैयारी में है। इसके साथ ही कांग्रेस चंदा विवाद को भी राजनीतिक मुद्दे के तौर पर उठाने की रणनीति बना रही है। अंकिता भंडारी मामले में फिर तेज हुई सियासत सितंबर 2022 में ऋषिकेश के पास वनंतरा रिजॉर्ट में काम करने वाली 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की हत्या ने पूरे उत्तराखंड को झकझोर दिया था। इस मामले में अदालत तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुना चुकी है। इसके बावजूद पीड़ित परिवार कथित वीआईपी एंगल से जुड़े सवालों के स्पष्ट जवाब और निष्पक्ष जांच की मांग उठा रहा है। अब यह मामला एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में है। अंकिता के माता-पिता कथित वीआईपी की पहचान और मामले की जांच को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर कर रहे हैं। हाल ही में दिल्ली में परिवार के विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने भी उनका समर्थन किया। इस घटनाक्रम के बाद उत्तराखंड में भी राजनीतिक गतिविधियां तेज हुई हैं। न्याय यात्रा से जनसमर्थन जुटाने की तैयारी कांग्रेस न्याय यात्रा के जरिए इस मुद्दे को प्रदेशभर में उठाने की तैयारी कर रही है। पार्टी का जोर मामले में बचे सवालों, पीड़ित परिवार की मांगों और महिला सुरक्षा जैसे विषयों पर रहेगा। कांग्रेस पहले भी अंकिता को न्याय दिलाने के लिए सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करती रही है। 15 अक्टूबर 2026 को देहरादून में पार्टी नेताओं ने इस मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन किया और आगे भी आंदोलन जारी रखने की बात कही। न्याय यात्रा के जरिए कांग्रेस लोगों को जोड़ने और इस मामले पर जनचर्चा तेज करने की कोशिश कर सकती है। हालांकि, यात्रा की तारीख, मार्ग और कार्यक्रम से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद ही इसके स्वरूप की स्पष्ट तस्वीर मिलेगी। Please follow and like us: Share Post Share Post navigation देहरादून में मोहकमपुर-आशारोड़ी एलिवेटेड रोड पर विवाद तेज, प्रस्तावित बदलाव से हजारों मकानों पर संकट की आशंका अंकिता भंडारी हत्याकांड पर उत्तराखंड में सियासी घमासान तेज, धामी-कांग्रेस आमने-सामने VIP एंगल पर उठे सवाल