‘मैं दुर्गम गांव में रात बिताने आया हूं। सरकार हर गांव को विकसित करने का प्रयास कर रही है। मुझे गांव के लोगों के साथ रात बिताना अच्छा लगता है। यहां से पहले मैंने डोडराक्वार जैसे दुर्गम इलाके में रात बिताई है। अब जिला कुल्लू के इस दुर्गम गांव शरची में रात बिताने आया हूं।’ यह बातें मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने जिला कुल्लू के बंजार उपमंडल के तहत पडऩे वाले अंतिम गांव शरची में पहुंचकर जनता से कहीं। उन्होंने कहा कि बुधवार रात वह यहां बिताएंगे और परिवार की तरह बातचीत करेंगे। उन्होंने कहा कि पंचायत प्रधान रामेश्वरी ठाकुर ने जो भी मांगें रखी हैं, उन्हें पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गांव की जो भी समस्याएं हैं, उनका समाधान किया जाएगा। इसके बाद बजट का प्रावधान होते ही कार्य शुरू किया जाएगा। इससे पहले शरची पंचायत प्रधान सहित लोगों ने मुख्यमंत्री का जोरदार स्वागत किया। मुख्यमंत्री को पंचायत की ओर से स्थानीय देवी मां की तस्वीर भेंट की गई। वहीं, शरची गांव के बच्चों ने भी मुख्यमंत्री के साथ फोटो खिंचवाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन की दृष्टि से गांव को आगे लाने के प्रयास किए जाएंगे। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री बच्चों के साथ खासा स्नेह करते हुए दिखे। Please follow and like us: Share Post Share Post navigation 180 मेगावाट बैरा स्यूल प्रोजेक्ट अधिग्रहण पर स्टे 4 हफ्ते बढ़ा, क्या है आगे? हिमाचल में शराब तस्करी का पर्दाफाश: आलू के बहाने लाई जा रही 380 पेटी अवैध शराब पकड़ी गई