पानी की सियासत तेज: एसवाईएल पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद पंजाब का जल प्रस्ताव - Uttarakhand Samachar

चंडीगढ़:- पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र से पहले कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई। नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह ने बताया कि बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि पानी के मुद्दे पर विपक्ष सरकार के साथ खड़ा है।

उन्होंने कहा कि पंजाब के पानी को किसी को नहीं दिया जाएगा सवाल के जवाब में बाजवा ने कहा कि सिर्फ कांग्रेस ही नहीं हर राजनीतिक पार्टी के नेता जो हरियाणा से है वहां की बात कर रहे है। बैठक में कुछ मुद्दों को लेकर चर्चा की गई है जिनको सोमवार को सदन में रखा जाएगा।

‘पंजाब का पानी किसी को नहीं दिया जाएगा‘

बाजवा ने कहा कि पंजाब का पानी किसी को नहीं दिया जाएगा। हरियाणा के कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला के बयान पर बाजवा ने कहा कि सुरजेवाला का बयान हरियाणा के पॉइंट ऑफ व्यू से है। इसी तरह आप और भाजपा के जो हरियाणा के नेता है वह अपने पॉइंट ऑफ व्यू से अपनी बात रख रहे हैं। पंजाब के नेता पंजाब के पॉइंट ऑफ व्यू सेलेकिन पंजाब का पानी किसी को नहीं देने दिया जाएगा।

सोमवार को पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र होने जा रहा है। इस विशेष सत्र में अतिरिक्त पानी को लेकर प्रस्ताव लाया जाएगा। ऐसा नहीं है कि हरियाणा पंजाब के बीच पानी के विवाद को लेकर यह पहला प्रस्ताव आ रहा है। इससे पहले भी 1966 से लेकर अब तक आठ प्रस्ताव पारित हो चुके हैं। अंतिम प्रस्ताव 2023 के अक्टूबर माह में लाया गया था। सुप्रीम कोर्ट की ओर से एसवाईएल नहर बनाने को लेकर केंद्र सरकार को सर्वे करने का जो निर्देश दिया गया था उसको लेकर प्रस्ताव आया था।

 

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