ट्रेनों में खाने का तरीका बदलेगा, रेलमंत्री ने बताया क्यों हो रहा है बदलाव

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भारत में हर दिन लाखों लोग भारतीय रेलवे के जरिए सफर करते है। रेलवे आम यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए ट्रेन में खाना भी मुहैया भी करवाती है। कई बार यात्री ट्रेन में मिलने वाले खाने की गुणवत्ता पर सवाल  उठाते है। यात्रियों की शिकायत पर रेलवे एक्शन भी लेता है। लेकिन आने वाले दिनों में ट्रेन में मिलने वाले खाने में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। रेल मंत्री कहना है कि बहुत जल्द पूरे देश में ट्रेनों के अंदर आपका पसंदीदा लोकल फूड मिलने वाला है।

इस दिशा में दक्षिण रेलवे ने एक प्रयोग भी शुरू कर दिया है। हाल ही में लोकसभा में डीएमके की सांसद सुमति टी. ने रेलवे मंत्रालय से ट्रेनों में मिलने वाले खाने को लेकर एक सवाल किया था। सांसद ने कहा, तमिलनाडु में चलने वाली वंदे भारत ट्रेनों में साउथ इंडियन फूड भी मिलना चाहिए। वहीं, ट्रेनों के अंदर स्टाफ आमतौर पर हिंदी में बात करते हैं, जिसके चलते पैसेंजर्स को अपनी आवश्यकताओं के बारे में बताने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

डीएमके सांसद के सवाल पर रेलमंत्री ने जवाब दिया कि, भारतीय रेलवे ने यात्रियों को लोकल फूड सर्व करने की दिशा में प्रयास करना शुरू कर दिया है। दक्षिण रेलवे की ट्रेनों में एक महत्वपूर्ण प्रयोग भी किया गया है। ट्रेनों के अंदर ज्यादा से ज्यादा लोकल फूड सर्व किया जाएगा। यह प्रोग्राम पूरे देश में लागू होगा, इसका मतलब है कि ट्रेन जिस किसी विशेष स्थान से गुजरेगी। वहां का प्रमुख लोकल फूड ट्रेन के यात्रियां को सर्व करने की कोशिश होगी। यह एक निरंतर सुधार प्रक्रिया है, जिसे रेलवे अपना रही है।

ट्रेन में खाने की कीमत और मेन्यू डिस्प्ले करना होगा अनिवार्य
हाल ही में रेलमंत्री ने लोकसभा में एक प्रश्न के जवाब में कहा था कि, ट्रेनों में यात्रियों को परोसे जाने वाले भोजन की कीमत और व्यंजन सूची प्रदर्शित करना अनिवार्य है। रेल मंत्री ने सदन में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा, यात्रियों की जानकारी के लिए आईआरसीटीसी (इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन) की वेबसाइट पर सभी खाद्य पदार्थों की सूची और कीमतों की जानकारी दी गई हैं सभी विवरणों के साथ छपी व्यंजन सूची वेटर को उपलब्ध कराए जाते हैं और यात्रियों को मांगने पर दिए जाते हैं।

रेल मंत्री ने यह भी कहा था कि रसोई यानों में भी मूल्य सूची प्रदर्शित की गई है। इसके अलावा भारतीय रेलवे में खानपान सेवाओं के मेन्यू और शुल्क के बारे में यात्रियों को जागरूक करने के लिए व्यंजन सूची और शुल्क के लिंक के साथ यात्रियों को एसएमएस भेजना शुरू किया गया है। ट्रेनों में व्यंजन सूची (मेन्यू कार्ड), खाद्य पदार्थों की दर सूची और स्वच्छता, सफाई और भोजन की गुणवत्ता में सुधार के लिए उठाए गए कदमों के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में रेलमंत्री ने कहा कि नामित बेस किचन से भोजन की आपूर्ति, चिह्नित स्थानों पर आधुनिक बेस किचन की शुरुआत और भोजन तैयार किये जाने के दौरान बेहतर निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने जैसे उपाय किये गए हैं।

भोजन के पैकेट पर क्यूआर कोड की व्यवस्था
रेल मंत्री ने जवाब में कहा कि खाना पकाने के तेल, आटा, चावल, दाल, मसाला, पनीर, डेयरी उत्पाद के चयन और उपयोग के साथ-साथ खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता की निगरानी के लिए बेस किचन में खाद्य सुरक्षा पर्यवेक्षकों की तैनाती की गई है। ट्रेनों में आईआरसीटीसी पर्यवेक्षकों को भी तैनात किया गया है और भोजन के पैकेट पर क्यूआर कोड की व्यवस्था की गई है, ताकि रसोई का नाम, पैकेजिंग की तारीख आदि जैसी जानकारी प्रदर्शित की जा सके।

रेलमंत्री कहा, बेस किचन और रसोई यानों में नियमित रूप से साफ-सफाई और समय-समय पर कीट नियंत्रण, प्रत्येक खानपान इकाई के नामित खाद्य सुरक्षा अधिकारियों से भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) प्रमाणन अनिवार्य कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि ट्रेनों में भोजन की अच्छी गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण और निगरानी तंत्र के एक भाग के रूप में नियमित रूप से खाद्य पदार्थों के नमूने लिए जा रहे हैं। रसोई यानों और बेस किचन में भोजन की स्वच्छता और गुणवत्ता की जांच के लिए बाहरी एजेंसी से ऑडिट कराया जाता है। ग्राहक संतुष्टि सर्वेक्षण भी किए जाते हैं।

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