निकाय चुनाव के मद्देनजर सात विभागों, संस्थाओं को आचार संहिता उल्लंघन के आरोप में निर्वाचन आयोग ने नोटिस जारी किया है। वहीं, सभी जिलाधिकारियों को ध्वनि प्रदूषण, सरकारी संपत्ति विरूपण रोकने को लेकर भी सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। राज्य निर्वाचन आयुक्त सुशील कुमार ने बताया कि प्रदेशभर से तमाम मामलों में विभागों ने आचार संहिता के मद्देनजर अनुमतियां मांगी थीं। इनमें से जो जरूरी थीं, वे अनुमतियां दे दी गईं। तमाम प्रस्तावों को रद्द भी कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि सात विभागों, संस्थाओं को आचार संहिता उल्लंघन का नोटिस जारी किया गया है। इनमें से तीन से अपना जवाब भी भेज दिया है, जिसका परीक्षण कराया जा रहा है। सभी जवाब आने के बाद नियमानुसार आयोग अपना निर्णय लेगा। आयुक्त सुशील कुमार ने बताया कि कई निकायों में ध्वनि प्रदूषण जैसी शिकायतें भी आ रही थीं। इसके मद्देनजर जिलाधिकारियों को ध्वनि प्रदूषण रोकने, सरकारी संपत्तियों पर प्रचार सामग्री लगाने वालों पर संपत्ति विरूपण अधिनियम के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। जहां भी जरूरी होगा, वहां आयोग संज्ञान लेकर कार्रवाई करेगा। 1771 ने डाक मतपत्रों से किया मतदान प्रदेश में डाक मतपत्रों से मतदान की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। मेयर, नगर पालिका, पंचायत अध्यक्ष के लिए 4196, पार्षद व वार्ड सदस्यों के लिए 4142 डाक मतपत्र जारी किए गए थे। यह मतपत्र चुनाव में लगे कर्मचारियों, सुरक्षा बलों में कार्यरत अधिकारियों, कर्मचारियों के लिए हैं। निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि सोमवार तक प्रदेशभर में 1771 डाक मतपत्र लौटकर आ चुके हैं। अभी प्रक्रिया जारी है। Please follow and like us: Share Post Share Post navigation राजस्थान और पंजाब में मौसम रहेगा सूखा, पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी के आसार फर्जी मार्कशीट से डाक विभाग में भर्ती, खुलासा होते ही युवती को मिली देवलचौड़ में तैनाती,हुआ खुलासा