भरी बरसात में भीगती रही गर्भवती महिला सड़क पर हुआ प्रसव

Read Time:4 Minute, 18 Second

ग्रामीणों का कहना है कि रास्ता फिसलन भरा होने की वजह से चलना दुश्वार हो रहा था जिस वजह से गर्भवती को ले जाना बहुत मुश्किल साबित हो रहा था। कई बार संतुलन बनाना मुश्किल हो गया। एक तरफ देश जहां आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है, वहीं कई ग्राम सभाएं आज भी सड़क, स्वास्थ्य और अन्य सुविधाओं से वंचित हैं। ग्राम सभा बल्यूटी के तोक मोरा में बुधवार को गर्भवती को प्रसव पीड़ा होने पर प्रसूता को पांच किमी कुर्सी पर बैठाकर लाए लेकिन सड़क पर प्रसव हो गया। भुजियाघाट के करीब बसे तोक मोरा गांव की दीपा जीना को प्रसव पीड़ा हुई। गांव से नैनीताल हाईवे पांच किमी दूर है। सड़क न होने की वजह से दीपा के परिजन और ग्रामीण उसे कुर्सी पर बैठाकर सड़क की ओर लाने लगे। इस दौरान मूसलाधार बारिश हो रही थी।ग्रामीणों का कहना है कि रास्ता फिसलन भरा होने की वजह से चलना दुश्वार हो रहा था जिस वजह से गर्भवती को ले जाना बहुत मुश्किल साबित हो रहा था। कई बार संतुलन बनाना मुश्किल हो गया। रास्ते में उनके पैरों पर जोंक चिपक रहीं थीं। भारी बारिश में दीपा भी भीगती रही। किसी तरह तीन घंटे तक चलने के बाद भुजियाघाट से दस मीटर पहले प्रसव पीड़ा बढ़ गई और अपराह्न तीन बजे महिला ने सड़क पर ही बच्चे को जन्म दे दिया। तभी वहां 108 एंबुलेंस पहुंच गई। महिला और बच्चे को एंबुलेंस से तुरंत महिला अस्पताल ले जाया गया। तुरंत दौड़े स्थानीय लोग
भुजियाघाट चौराहे के पास प्रसूता ने बच्चे को जन्म दिया तो इसकी सूचना वहां मौजूद लोगों को लग गई। तुरंत ही लोग मदद के लिए दौड़े। राहत की बात यह है कि तभी वहां एंबुलेंस पहुंच गई जिस वजह से कुछ राहत मिल गई।

इस मामले में मेरी आशा से बात हुई है। उसने बताया कि गांव से आधा रास्ता चलने के बाद एंबुलेंस को फोन किया गया था। महिला का यह तीसरा बच्चा था। फिलहाल अस्पताल में जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।
-डॉ. भागीरथी जोशी, सीएमओ, नैनीताल।

10 किमी के दायरे में कोई अस्पताल नहीं है। गांव से नैनीताल रोड तक पांच किमी सड़क बनाए जाने को लेकर तीन बार सर्वे हो चुका है। मामला बड़े अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के संज्ञान में है। इसके बाद भी आज तक लोग सड़क से वंचित हैं।
-मुन्नी जीना, क्षेत्र पंचायत सदस्य, मोरा हमारे गांव में सड़क बनाए जाने की मांग कई सालों से की जा रही है। इससे पहले भी आए दिन सामने आते रहे हैं। कई बार रास्ते में ही मरीजों की जान चली गई जो लोग पहाड़ नहीं छोड़ना चाहते, उनके प्रति प्रशासन उदासीन है।

  • कुंदन सिंह जीना, सामाजिक कार्यकर्ता, तोक मोरा।

इस तरह की विषम परिस्थितियों से यहां के लोग आए दिन दो-चार होते हैं। क्षेत्रवासी दशकों से मोटर मार्ग की मांग उठा रहे हैं, लेकिन आज तक मांग पूरी नहीं हुई। लोग गांव से पलायन करने के लिए लिए मजबूर हो रहे हैं।
-संजय शाह, पूर्व जिला पंचायत सदस्य, रानीबाग।

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *