उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में सीबीआई की जांच के बीच अभिनेत्री उर्मिला सनावर और भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर के नार्को टेस्ट को लेकर मामला अदालत तक पहुंच गया है। दोनों से सीबीआई की पूछताछ के बाद कोर्ट में पेशी हुई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दोनों ने नार्को टेस्ट के लिए सहमति जताई है। हालांकि, उर्मिला सनावर ने टेस्ट की प्रक्रिया को लेकर कुछ मांगें भी रखी हैं। मामले में अगली सुनवाई 26 तारीख को होने की बात कही गई है। नार्को टेस्ट को लेकर उर्मिला सनावर की मांग कोर्ट में पेशी के बाद उर्मिला सनावर ने कहा कि उन्हें नार्को टेस्ट के संबंध में दोबारा विचार करने के लिए कहा गया है और इस मामले में फिर से बुलाया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि वह अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए अपनी लड़ाई जारी रखे हुए हैं और नार्को टेस्ट के लिए तैयार हैं। हालांकि, उर्मिला ने सीबीआई पर भरोसा नहीं होने की बात कहते हुए मांग की कि उनका नार्को टेस्ट मीडिया के सामने कराया जाए। उन्होंने कहा कि वह अपनी मांग पर कायम हैं और जरूरत पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगी। नार्को टेस्ट को लेकर उनकी इस मांग पर अदालत का अंतिम रुख क्या होगा, यह आगे की सुनवाई के बाद स्पष्ट होगा। मुख्यमंत्री धामी से मिलने की बात कही उर्मिला सनावर ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात करने की इच्छा भी जताई। उनका दावा है कि वह मुख्यमंत्री को कुछ गोपनीय जानकारी देना चाहती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में मुख्यमंत्री की सरकार गिराने की योजना बनाई जा रही है और इसमें सत्ताधारी पक्ष के कुछ लोग शामिल हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है। वायरल ऑडियो और 50 करोड़ रुपये के ऑफर को लेकर दावा उर्मिला सनावर ने वायरल ऑडियो को लेकर भी कई दावे किए। उन्होंने आरोप लगाया कि ऑडियो के संबंध में झूठ बोलने के लिए उन्हें 50 करोड़ रुपये देने और देश छोड़ने का प्रस्ताव दिया जा रहा था। उन्होंने यह भी दावा किया कि वायरल ऑडियो की फॉरेंसिक रिपोर्ट में उसके मूल होने की पुष्टि हुई है। इसके अलावा, उर्मिला ने कहा कि उनकी 48 मिनट की ऑडियो रिकॉर्डिंग सीबीआई तक नहीं पहुंची। इन दावों और ऑडियो की प्रामाणिकता से संबंधित तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं की जा सकती। जांच एजेंसी की ओर से इन बिंदुओं पर आधिकारिक स्थिति सामने आने के बाद ही तस्वीर स्पष्ट होगी। जान को खतरा होने का आरोप उर्मिला सनावर ने अपनी जान को खतरा होने की आशंका भी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस से उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है। इसके साथ ही उन्होंने दुष्यंत गौतम और पूर्व विधायक सुरेश राठौर को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। इन आरोपों को जांच में स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता; संबंधित पक्षों का जवाब और जांच एजेंसियों की पुष्टि महत्वपूर्ण होगी। अंकिता भंडारी हत्याकांड में वायरल ऑडियो, कथित वीआईपी से जुड़े दावों और नार्को टेस्ट की प्रक्रिया को लेकर अब आगे की न्यायिक कार्यवाही पर नजर रहेगी। 26 तारीख को प्रस्तावित सुनवाई में मामले से जुड़े अगले कदमों पर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। नार्को टेस्ट के संबंध में अंतिम निर्णय अदालत और लागू कानूनी प्रक्रिया के अनुसार होगा। Please follow and like us: Share Post Share Post navigation उत्तराखंड में कचरा प्रबंधन के लिए नया मॉडल लागू करने की तैयारी, 2030 तक चलेगा स्वच्छ उत्तराखंड मिशन देहरादून में STPI की नई टेक्नोलॉजी फैसिलिटी का उद्घाटन, 17 स्टार्टअप्स को मिले ₹4.25 करोड़; युवाओं को मिलेगा मौका