देहरादून: उत्तराखंड में आयुष चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत करने और आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने अस्पतालों के निर्माण और विभागीय व्यवस्थाओं की समीक्षा तेज कर दी है। प्रदेश के आयुष एवं आयुष शिक्षा मंत्री मदन कौशिक ने शुक्रवार को विधानसभा स्थित अपने कार्यालय में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर विभिन्न योजनाओं और निर्माणाधीन अस्पतालों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने निर्माण कार्यों में तेजी लाने और आयुष अस्पतालों में रिक्त पदों को जल्द भरने के निर्देश दिए। टनकपुर और कोटद्वार में निर्माण कार्य की समीक्षा बैठक में मंत्री मदन कौशिक ने केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से बन रहे राजकीय आयुष चिकित्सालयों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि टनकपुर में आयुष मिशन योजना के तहत बन रहे 50 बिस्तरों वाले आयुष अस्पताल का निर्माण कार्य 80 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। इसी तरह पौड़ी जिले के कोटद्वार में निर्माणाधीन 50 बिस्तरों वाले आयुष अस्पताल का 65 प्रतिशत काम पूरा कर लिया गया है। मंत्री ने अधिकारियों से निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार इन्हें आगे बढ़ाने को कहा। पिरान कलियर में बनेगा 50 बिस्तरों वाला यूनानी अस्पताल हरिद्वार जिले के पिरान कलियर में 50 बिस्तरों वाले यूनानी अस्पताल का निर्माण प्रस्तावित है। मंत्री ने इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई में तेजी लाने के निर्देश दिए। इस अस्पताल के निर्माण से क्षेत्र में यूनानी चिकित्सा सेवाओं के विस्तार की दिशा में मदद मिलने की उम्मीद है। बैठक में अन्य अस्पतालों की प्रगति की जानकारी भी साझा की गई। दिनापुर पथरी में 10 बिस्तरों वाले आयुष अस्पताल का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि भीमताल में बन रहे 10 बिस्तरों के आयुष अस्पताल का 90 प्रतिशत कार्य पूरा होने की जानकारी दी गई। वहीं, टिहरी जिले के जाखणीधार में 50 बिस्तरों वाले आयुष अस्पताल के लिए भूमि चयन की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने और इसके बाद निर्माण कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए गए। खाली पदों को जल्द भरने पर जोर मंत्री मदन कौशिक ने बैठक में प्रदेश के आयुष केंद्रों में दवाइयों की उपलब्धता, आवश्यक चिकित्सा उपकरणों और डॉक्टरों सहित मेडिकल स्टाफ की तैनाती की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि आयुष अस्पतालों में खाली पड़े पदों पर भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए, ताकि स्वास्थ्य केंद्रों में कर्मचारियों की उपलब्धता बेहतर हो और मरीजों को उपचार के लिए अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। उन्होंने विभागीय योजनाओं की प्रगति पर नजर रखने और अस्पतालों में जरूरी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद समीक्षा बैठक में आयुर्वेद विभाग के निदेशक डॉ. आर.पी. सिंह, होम्योपैथिक निदेशक जे.एल. फिरमाल, संयुक्त निदेशक डॉ. मिथिलेश कुमार, संयुक्त निदेशक एम.एस. गुंज्याल और एडीसी आलोक कुमार सहित विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में अस्पतालों के निर्माण, भूमि चयन, चिकित्सा सुविधाओं और रिक्त पदों को भरने जैसे विषयों पर चर्चा हुई। अब इन निर्देशों के आधार पर निर्माणाधीन परियोजनाओं को आगे बढ़ाने और प्रदेश में आयुष चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में विभाग की आगामी कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। Please follow and like us: Share Post Share