हीना कावरे, सूरज ठाकुर और रविंदर डालवी की भूमिका पर भी चर्चा, नई सूची का इंतजार
पंजाब कांग्रेस में एक बार फिर बड़े संगठनात्मक फेरबदल की चर्चाएं तेज हो गई हैं। पार्टी के पंजाब प्रभारी के तौर पर भूपेश बघेल की जगह सचिन पायलट को जिम्मेदारी दिए जाने के बाद अब को-इंचार्ज स्तर पर भी बदलाव की संभावना को लेकर राजनीतिक हलकों में अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, कांग्रेस हाईकमान की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। इसके बावजूद पार्टी के अंदरूनी हलकों में माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में संगठन से जुड़ी नई सूची सामने आ सकती है। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस हाईकमान विभिन्न राज्यों में संगठनात्मक जिम्मेदारियों की समीक्षा कर रहा है। इसी प्रक्रिया के तहत पंजाब में भी पार्टी की मौजूदा टीम और नेताओं की जिम्मेदारियों को लेकर मंथन चलने की बात कही जा रही है। अगर नई संगठनात्मक सूची जारी होती है तो उसमें पंजाब से जुड़े महासचिवों और सचिवों की जिम्मेदारियां भी स्पष्ट हो सकती हैं। इससे यह तस्वीर सामने आएगी कि सचिन पायलट के साथ पंजाब में कांग्रेस हाईकमान किन नेताओं की टीम को जिम्मेदारी देता है।
फिलहाल पंजाब कांग्रेस से जुड़े को-इंचार्जों में हीना कावरे, सूरज ठाकुर और रविंदर डालवी के नाम सामने आ रहे हैं। संगठनात्मक बदलाव की चर्चाओं के बीच इन नेताओं की मौजूदा भूमिका और आगे की जिम्मेदारियों को लेकर भी पार्टी के भीतर चर्चा होने की बात कही जा रही है। दिल्ली में कांग्रेस के संगठन को लेकर बैठकों और विचार-विमर्श का दौर चलने की जानकारी सामने आ रही है। पार्टी विभिन्न राज्यों में नेताओं की भूमिका, संगठन की जरूरत और आगामी राजनीतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए जिम्मेदारियों में बदलाव पर विचार कर रही है। पंजाब कांग्रेस के लिए यह कवायद इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि राज्य में पार्टी को आने वाले समय में संगठन को मजबूत करने की चुनौती है। नेतृत्व स्तर पर बदलाव के बाद अब प्रदेश में नई टीम के साथ तालमेल और संगठनात्मक सक्रियता बढ़ाने पर जोर दिया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार, नए महासचिवों और सचिवों के चयन को लेकर संभावित नामों पर भी विचार किया जा रहा है। दावा है कि कुछ नेताओं के साथ बातचीत और इंटरव्यू की प्रक्रिया भी चल रही है, जिसके बाद अंतिम नामों पर फैसला लिया जा सकता है।
इस पूरी संगठनात्मक प्रक्रिया में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पार्टी के भीतर यह भी चर्चा है कि संगठन से जुड़े फैसलों को लेकर राहुल गांधी की सीधी दिलचस्पी है और संभावित नामों पर उनकी राय को भी महत्व दिया जा रहा है। सचिन पायलट को पंजाब की जिम्मेदारी मिलने के बाद पार्टी के सामने राज्य संगठन को नई दिशा देने की चुनौती भी है। ऐसे में उनके साथ काम करने वाली टीम में किस तरह के नेताओं को शामिल किया जाता है, इस पर पंजाब कांग्रेस के नेताओं की नजर बनी हुई है। नई सूची आने के बाद यह भी स्पष्ट हो सकता है कि हाईकमान पंजाब में किन नेताओं को अधिक संगठनात्मक जिम्मेदारी देना चाहता है। इसके साथ ही प्रदेश कांग्रेस में आने वाले समय की रणनीति और प्राथमिकताओं का भी संकेत मिल सकता है। पंजाब में कांग्रेस लंबे समय से संगठन को मजबूत करने और पार्टी के नेताओं के बीच बेहतर तालमेल बनाने की कोशिश कर रही है। ऐसे में संभावित फेरबदल को आगामी राजनीतिक तैयारियों से जोड़कर भी देखा जा रहा है। फिलहाल कांग्रेस की ओर से को-इंचार्जों में बदलाव या नई सूची को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए सामने आ रही जानकारी को अभी चर्चाओं और सूत्रों के स्तर पर ही देखा जा रहा है। आने वाले कुछ दिनों में यदि कांग्रेस हाईकमान नई संगठनात्मक सूची जारी करता है तो पंजाब को लेकर तस्वीर काफी हद तक साफ हो जाएगी। खास तौर पर यह देखना अहम होगा कि सचिन पायलट के साथ काम करने के लिए हाईकमान किस टीम को मैदान में उतारता है और मौजूदा नेताओं की जिम्मेदारियों में क्या बदलाव किए जाते हैं।

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