रवनीत बिट्टू के वीडियो पर पंजाब पुलिस की जांच, नशे का मामला निकला पब्लिसिटी स्टंट - Uttarakhand Samachar

पंजाब में नशे को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया। पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने वीडियो साझा करते हुए पंजाब सरकार पर निशाना साधा था। बिट्टू ने वीडियो के जरिए मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के ‘रंगला पंजाब’ के दावे पर सवाल उठाए थे। वीडियो में एक युवक बेसुध अवस्था में दिखाई दे रहा था, जिसके बाद इसे पंजाब में नशे की स्थिति से जोड़कर देखा गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए लुधियाना पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। पुलिस ने वीडियो से संबंधित युवक को मॉडल टाउन इलाके से हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान युवक ने बताया कि उसने किसी तरह का नशा नहीं किया था। युवक के अनुसार, उसने अपने एक साथी के साथ मिलकर सोशल मीडिया पर ज्यादा व्यूज हासिल करने के लिए बेसुध होने का नाटक किया था। युवक ने पुलिस पूछताछ में कथित तौर पर यह भी बताया कि वह पहले भी इस तरह के फर्जी वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड कर चुका है। पुलिस अब मामले से जुड़े दूसरे पहलुओं की भी जांच कर रही है। पुलिस की ओर से युवक का डॉक्टरी मुआयना भी कराया जा रहा है। इसका उद्देश्य उसके बयान की पुष्टि करना और यह पता लगाना है कि वीडियो बनाए जाने के दौरान उसने किसी तरह के नशीले पदार्थ का सेवन किया था या नहीं। लुधियाना पुलिस ने युवक के बयान की एक क्लिप भी जारी की है। पुलिस ने प्रारंभिक जांच के आधार पर वायरल वीडियो को पब्लिसिटी स्टंट बताया है।

इस पूरे मामले ने सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली सामग्री की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। किसी वीडियो को बिना उसकी वास्तविकता जांचे नशे या अन्य गंभीर सामाजिक मुद्दे से जोड़ना लोगों के बीच गलत धारणा पैदा कर सकता है। पंजाब में नशे के नाम पर भ्रामक या गलत वीडियो वायरल होने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले पूर्व क्रिकेटर और सांसद हरभजन सिंह की ओर से भी एक वीडियो साझा किया गया था, जिसे पंजाब में नशे की स्थिति से जोड़कर देखा गया। बाद में पुलिस की पड़ताल में सामने आया कि वह वीडियो राजस्थान से संबंधित था। इस तरह के मामलों से सोशल मीडिया पर गलत सूचना के तेजी से प्रसार की चुनौती सामने आती है। मौजूदा मामले में पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वीडियो बनाने और उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करने के पीछे युवक और उसके साथी की क्या मंशा थी। साथ ही पुलिस यह भी जांच रही है कि वीडियो के जरिए किसी तरह की गलत सूचना फैलाने या लोगों को गुमराह करने का प्रयास तो नहीं किया गया। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और युवक के मेडिकल परीक्षण तथा अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में जांच पूरी होने के बाद ही तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी कि वायरल वीडियो के पीछे वास्तव में क्या उद्देश्य था।

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