वाराणसी में बाढ़ की स्थिति गंभीर, गंगा 70.28 मीटर पर; प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी - Uttarakhand Samachar

वाराणसी:- काशी के सांसद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वाराणसी के जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार से फोन पर बातचीत कर शहर में बाढ़ की मौजूदा स्थिति का जायजा लिया। प्रधानमंत्री ने गंगा के बढ़ते जलस्तर, बाढ़ प्रभावित इलाकों और राहत शिविरों में की जा रही व्यवस्थाओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली। प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ से प्रभावित लोगों को किसी भी तरह की परेशानी न हो और राहत एवं बचाव कार्य पूरी तत्परता के साथ चलाए जाएं। उन्होंने प्रभावित लोगों को तत्काल आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया।

राहत शिविरों की व्यवस्थाओं का लिया जायजा

प्रधानमंत्री मोदी ने जिलाधिकारी से राहत शिविरों में रह रहे लोगों के लिए भोजन, पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि प्रशासन प्रभावित परिवारों की जरूरतों को प्राथमिकता देते हुए राहत कार्यों में किसी तरह की कमी न रहने दे। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जिन इलाकों में राहत सामग्री की अधिक जरूरत है, वहां बिना देरी किए अतिरिक्त सामग्री पहुंचाई जाए। प्रभावित लोगों तक खाद्य सामग्री और अन्य आवश्यक सहायता तेजी से पहुंचाने को कहा गया है। प्रधानमंत्री ने जिला प्रशासन को बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने और बदलते हालात के अनुसार तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए।

लगातार बढ़ रहा गंगा का जलस्तर

केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक वाराणसी में गंगा का चेतावनी स्तर 70.26 मीटर निर्धारित है, जबकि नदी का जलस्तर 70.28 मीटर तक पहुंच गया है। वहीं, गंगा के लिए खतरे का निशान 71.26 मीटर है। फिलहाल गंगा का जलस्तर करीब 2 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। ऐसे में प्रशासन और संबंधित अधिकारी स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।

गंगा की ओर जाने वाले रास्तों पर पुलिस तैनात

बाढ़ की स्थिति को देखते हुए एहतियातन गंगा की ओर जाने वाले रास्तों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। प्रशासन का उद्देश्य नदी क्षेत्र में लोगों की आवाजाही को नियंत्रित कर किसी संभावित अप्रिय घटना को रोकना है। इसके अलावा अस्सी घाट से केशव घाट तक नाव संचालन पर रोक लगा दी गई है। नदी में लोगों की आवाजाही पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है।

6 और 7 सितंबर को बारिश की संभावना

भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 3 से 8 सितंबर के बीच पूर्वी उत्तर प्रदेश में व्यापक मौसमी गतिविधि देखने को मिल सकती है। वहीं 6 और 7 सितंबर को व्यापक बारिश होने की संभावना जताई गई है। बारिश और गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है।

 

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