Uttarakhand Congress: राहुल गांधी पर दर्ज FIR रद्द करने समेत कांग्रेस की 3 बड़ी मांगें - Uttarakhand Samachar

देहरादून:- हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद हुए कथित ‘शुद्धिकरण’ को लेकर उत्तराखंड में सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस लगातार भाजपा सरकार पर हमलावर है। इसी मुद्दे को लेकर पार्टी ने मंगलवार को सचिवालय कूच किया था। अब कांग्रेस ने 7 सितंबर को मुख्यमंत्री आवास घेराव करने का ऐलान किया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि पार्टी ने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। यदि 7 सितंबर से पहले सरकार इन मांगों को स्वीकार कर लेती है, तो कांग्रेस मुख्यमंत्री आवास घेराव के अपने निर्णय पर पुनर्विचार कर सकती है। मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में कांग्रेस ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।

कांग्रेस की सरकार से तीन प्रमुख मांगें

गणेश गोदियाल ने कहा कि हल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद जिस तरह कथित तौर पर रामलीला मैदान का शुद्धिकरण किया गया, उसमें शामिल लोगों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने इस कथित शुद्धिकरण को सही ठहराया है। गोदियाल के मुताबिक, यह संविधान की मूल भावना और कानून के खिलाफ है। उन्होंने मांग की कि इस मामले में मुख्यमंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की जाए। कांग्रेस की दूसरी मांग कथित शुद्धिकरण की घटना में शामिल लोगों पर कार्रवाई से जुड़ी है।

पार्टी का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। तीसरी मांग राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मुकदमे को वापस लेने की है। गोदियाल ने कहा कि इस मामले में राहुल गांधी खुद शिकायतकर्ता की भूमिका में हैं, लेकिन उन्हीं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी गई। कांग्रेस ने इस मुकदमे को रद्द करने की मांग की है। गोदियाल ने स्पष्ट किया कि अगर सरकार ने तीनों मांगों पर कार्रवाई नहीं की तो कांग्रेस अपने आंदोलन को और व्यापक करेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस वैचारिक लड़ाई के लिए तैयार है और जरूरत पड़ी तो सड़क पर उतरकर भी आंदोलन किया जाएगा।

7 सितंबर को मुख्यमंत्री आवास का घेराव

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी सरकार पर दबाव बनाने के लिए 7 सितंबर को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेगी। हालांकि, सरकार यदि तय समय से पहले कांग्रेस की तीनों मांगें मान लेती है तो पार्टी अपने आंदोलन के फैसले पर पुनर्विचार कर सकती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को केवल राजनीतिक विरोध तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि इसे संविधान और कानून के सवाल से जोड़कर देख रही है।

हल्द्वानी शुद्धिकरण विवाद की पूरी टाइमलाइन

  • 8 अगस्त: हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली हुई।
  • 11 अगस्त: रैली के मंच पर धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किया गया।
  • इस धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन श्रीराम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास की ओर से किया गया।
  • आयोजकों ने अनुष्ठान के पीछे धार्मिक आस्था और सफाई से जुड़ा कारण बताया।
  • कांग्रेस ने इसे रैली के मंच और मैदान के कथित ‘शुद्धिकरण’ के तौर पर पेश किया और कार्रवाई की मांग की।
  • 13 अगस्त: मल्लिकार्जुन खड़गे ने कथित शुद्धिकरण का मुद्दा राज्यसभा में उठाया।
  • खड़गे ने इस घटना को दलित पहचान से जोड़ते हुए आरोप लगाए।
  • खड़गे के आरोपों पर भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कार्रवाई का आश्वासन दिया।
  • 29 अगस्त: राहुल गांधी ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस मुद्दे को उठाया।
  • राहुल गांधी ने कथित घटना को छुआछूत और दलितों के अपमान से जोड़ते हुए भाजपा और आरएसएस की विचारधारा पर सवाल उठाए।
  • राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मामले में एससी-एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
  • राहुल गांधी के बयान के बाद भाजपा ने कांग्रेस पर घटना को जातिगत रंग देने का आरोप लगाया।
  • भाजपा ने दावा किया कि कथित धार्मिक आयोजन में अनुसूचित जाति समुदाय से जुड़े लोग भी शामिल थे।
  • 30 अगस्त: अमित कुमार की शिकायत के आधार पर हल्द्वानी में राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
  • शिकायत में आरोप लगाया गया कि राहुल गांधी ने 29 अगस्त की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अनुसूचित जाति समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाई।
  • 31 अगस्त: कांग्रेस ने राहुल गांधी पर दर्ज मुकदमे के विरोध में पुलिस मुख्यालय से लेकर हल्द्वानी कोतवाली और प्रदेश के अन्य थानों-चौकियों में शिकायतें दीं।
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