बाबा बकाला साहिब में शिवराज चौहान ने किया गुरु साहिबान को नमन, सेवा-त्याग का दिया संदेश - Uttarakhand Samachar

बाबा बकाला साहिब में शिवराज चौहान ने किया गुरु साहिबान को नमन, सेवा-त्याग का दिया संदेश

Byuttarakhandsamachar

August 29, 2026 #Baba Bakala Sahib, #BJP Conference, #BJP Punjab, #Guru Angad Dev Ji, #Guru Arjan Dev Ji, #Guru Gobind Singh Ji, #Guru Har Krishan Ji, #Guru Har Rai Ji, #Guru Hargobind Sahib, #Guru Ladho Re, #Guru Nanak Dev Ji, #Guru Ram Das Ji, #Guru Tegh Bahadur Ji, #Hindi News, #Latest News, #Makhan Shah Lubana, #Punjab BJP, #Punjab Breaking News, #Punjab Latest News, #Punjab News, #Punjab Political News, #Punjab politics, #Rakhar Punya, #Raksha Bandhan, #Sahibzade, #Shivraj Punjab, #Shivraj Singh Chouhan, #Sikh History, #Sikh News, #गुरु अंगद देव जी, #गुरु अर्जन देव जी, #गुरु गोबिंद सिंह जी, #गुरु तेग बहादुर जी, #गुरु नानक देव जी, #गुरु रामदास जी, #गुरु लाधो रे, #गुरु साहिबान, #गुरु हरगोबिंद साहिब, #गुरु हरि राय जी, #गुरु हरिकृष्ण जी, #पंजाब न्यूज, #पंजाब राजनीति, #बाबा बकाला न्यूज़, #बाबा बकाला साहिब, #भाजपा पंजाब, #भाजपा सम्मेलन, #माखन शाह लुबाना, #रक्षाबंधन, #रखड़ पुण्या, #शिवराज चौहान पंजाब, #शिवराज सिंह चौहान, #श्री गुरु तेग बहादुर, #साहिबजादे,#सिख इतिहास

रक्षाबंधन के अवसर पर बाबा बकाला साहिब में भारतीय जनता पार्टी की ओर से आयोजित विशेष सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान पहुंचे। इस दौरान उन्होंने गुरु साहिबान के इतिहास, उनके बलिदानों और मानवता के लिए दिए गए संदेशों को श्रद्धा के साथ याद किया। शिवराज सिंह चौहान ने बाबा बकाला साहिब स्थित श्री गुरु तेग बहादुर जी के तप स्थान पर पहुंचकर दर्शन किए। उन्होंने इस ऐतिहासिक स्थल को सिख इतिहास और आध्यात्मिक परंपरा से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थान बताया। अपने संबोधन में चौहान ने कहा कि यह वही पवित्र स्थान है, जहां नौवें पातशाह श्री गुरु तेग बहादुर जी ने लंबे समय तक तपस्या की थी। उन्होंने बताया कि गुरु तेग बहादुर जी ने यहां 26 वर्ष, 9 महीने और 13 दिन तक तप किया था। केंद्रीय मंत्री ने बाबा बकाला साहिब से जुड़े ऐतिहासिक प्रसंग को भी याद किया। उन्होंने माखन शाह लुबाना की उस घटना का उल्लेख किया, जब उन्होंने सच्चे गुरु की पहचान होने के बाद ‘गुरु लाधो रे, गुरु लाधो रे’ का उद्घोष किया था। शिवराज सिंह चौहान ने अपने संबोधन में पहली पातशाही श्री गुरु नानक देव जी से लेकर दसवीं पातशाही श्री गुरु गोबिंद सिंह जी तक सभी गुरु साहिबान के योगदान को श्रद्धा के साथ याद किया। उन्होंने श्री गुरु नानक देव जी के ‘ੴ’ के संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि सृष्टि भले ही अनेक रूपों में दिखाई देती है, लेकिन उसका रचयिता एक है। उन्होंने गुरु नानक देव जी के संदेश को मानवता और एकता की प्रेरणा बताया। केंद्रीय मंत्री ने श्री गुरु अंगद देव जी के योगदान को भी याद किया। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब ने ज्ञान और शिक्षा को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और गुरमुखी लिपि को आगे बढ़ाने में योगदान दिया। उन्होंने श्री गुरु रामदास जी के योगदान का जिक्र करते हुए भक्ति, सेवा और पवित्र सरोवरों की परंपरा को मजबूत करने में उनकी भूमिका को याद किया। इसके साथ ही श्री गुरु अर्जन देव जी की महान शहादत को भी श्रद्धापूर्वक नमन किया। चौहान ने श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी के ‘मीरी-पीरी’ के सिद्धांत का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब ने आध्यात्मिक शक्ति के साथ-साथ सामाजिक और अन्याय के खिलाफ संघर्ष का संदेश भी दिया।

उन्होंने श्री गुरु हरि राय जी की दया और करुणा तथा श्री गुरु हरिकृष्ण जी की निस्वार्थ सेवा को भी याद किया। चौहान ने कहा कि गुरु साहिबान के जीवन में मानव सेवा को हमेशा विशेष स्थान मिला। श्री गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान का उल्लेख करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि उन्होंने धर्म और मानवीय मूल्यों की रक्षा के लिए अपना शीश तक अर्पित कर दिया। उनका बलिदान भारत के इतिहास में धार्मिक स्वतंत्रता और मानवाधिकारों की रक्षा का महान उदाहरण है। केंद्रीय मंत्री ने श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के जीवन और संघर्ष को भी याद किया। उन्होंने गुरु साहिब के साहस, त्याग और अन्याय के खिलाफ संघर्ष की भावना का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने साहिबजादों की महान शहादत को भी श्रद्धापूर्वक नमन किया। चौहान ने कहा कि कम उम्र में साहिबजादों द्वारा दिखाया गया साहस, दृढ़ता और धर्म के प्रति समर्पण इतिहास में अद्वितीय उदाहरण है। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि गुरु साहिबान का पूरा जीवन केवल किसी एक समुदाय तक सीमित संदेश नहीं देता, बल्कि मानवता, सेवा, त्याग, समानता और धार्मिक स्वतंत्रता की व्यापक प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि गुरु साहिबान ने समाज को अन्याय के खिलाफ खड़े होने, जरूरतमंदों की सेवा करने और मानवता के प्रति अपने कर्तव्य को निभाने का रास्ता दिखाया। उनके विचार आज भी समाज के लिए उतने ही प्रासंगिक हैं। बाबा बकाला साहिब में आयोजित इस सम्मेलन के दौरान धार्मिक श्रद्धा के साथ-साथ राजनीतिक गतिविधियां भी देखने को मिलीं। बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों की मौजूदगी के बीच शिवराज सिंह चौहान ने गुरु साहिबान के इतिहास और उनके योगदान को केंद्र में रखते हुए अपना संबोधन दिया। कार्यक्रम के दौरान बाबा बकाला साहिब के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को भी प्रमुखता से सामने रखा गया। शिवराज चौहान के दौरे को भाजपा की पंजाब में धार्मिक और सामाजिक जुड़ाव की कोशिशों के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।

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