शिरोमणि अकाली दल अमृतसर के अध्यक्ष सिमरनजीत सिंह मान ने बंदी सिंहों की रिहाई का मुद्दा एक बार फिर प्रमुखता से उठाया है। उन्होंने लंबे समय से जेलों में बंद सिख कैदियों की रिहाई और उनके परिवारों को उनसे मिलने की अनुमति देने की मांग की। अमृतसर में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मान ने 21 अगस्त को बुलाए गए पंजाब बंद का समर्थन भी किया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करने वाले लोगों के खिलाफ बल प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए। मान ने 15 अगस्त को चंडीगढ़ में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज की गई प्राथमिकी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि निहत्थे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई उचित नहीं है और पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। उन्होंने प्रदर्शन के दौरान आंसू गैस छोड़ने के लिए ड्रोन के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाया। मान ने कहा कि सीमावर्ती राज्य पंजाब में ड्रोन के जरिए हथियार और नशीले पदार्थ आने की घटनाएं सामने आती रही हैं, इसलिए सुरक्षा एजेंसियों को ड्रोन के इस्तेमाल को लेकर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। फतेहगढ़ साहिब की घटना का जिक्र करते हुए सिमरनजीत सिंह मान ने लाठीचार्ज और गंदा पानी छोड़े जाने के आरोप लगाए। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों के साथ किसी भी तरह का अनुचित व्यवहार नहीं होना चाहिए। बंदी सिंहों की रिहाई के मुद्दे पर मान ने भाई जगतार सिंह हवारा समेत अन्य सिख कैदियों का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि कई कैदी लंबे समय से जेलों में बंद हैं और उनके परिवारों को उनसे मिलने का अधिकार मिलना चाहिए। मान ने प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्रालय और खुफिया एजेंसियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि जब दूसरे कैदियों को पैरोल जैसी सुविधाएं मिलती हैं, तो बंदी सिंहों के मामले में अलग मापदंड क्यों अपनाया जाता है। उन्होंने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी यानी एसजीपीसी से भी बंदी सिंहों की रिहाई के लिए प्रभावी प्रयास करने की अपील की। मान ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर पंथक स्तर पर लगातार आवाज उठाने की जरूरत है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में मान ने पंथक एकता की भी बात कही। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग पंथक एकता के प्रयासों को आगे नहीं बढ़ने देना चाहते। सुखबीर सिंह बादल की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात को लेकर भी मान ने सवाल उठाए। हालांकि, उन्होंने सुखबीर सिंह बादल पर हुए हमले की स्पष्ट रूप से निंदा की और कहा कि वह किसी भी तरह की हिंसक कार्रवाई का समर्थन नहीं करते। मान ने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन किसी व्यक्ति के खिलाफ हिंसा को सही नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने लोकतांत्रिक तरीके से राजनीतिक और पंथक मुद्दों को उठाने पर जोर दिया। इसके साथ ही सिमरनजीत सिंह मान ने एसजीपीसी चुनाव जल्द कराने की मांग भी दोहराई। उन्होंने कहा कि धार्मिक संस्थाओं से जुड़े चुनाव समय पर होने चाहिए और पंथक मामलों में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत किया जाना जरूरी है। Please follow and like us: Share Post Share Post navigation पंजाब चुनाव से पहले BJP का मास्टरस्ट्रोक? सतीश पूनिया को बनाया प्रभारी Ludhiana Railway Station Project: धीमी निर्माण गति पर सवाल, 42 फीसदी काम अभी बाकी