उत्तराखंड में बारिश का कहर, चमोली में कल्पेश्वर मंदिर के पास लैंडस्लाइड - Uttarakhand Samachar

चमोली/पौड़ी:- उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने पहाड़ी जिलों में मुश्किलें बढ़ा दी हैं। चमोली और पौड़ी में बारिश के कारण भूस्खलन, मलबा आने और सड़कें बाधित होने की घटनाएं सामने आई हैं। चमोली के जोशीमठ क्षेत्र में स्थित पंच केदारों में शामिल कल्पेश्वर मंदिर के ऊपर देर रात भारी भूस्खलन हुआ, जिससे पहाड़ी से आया मलबा मंदिर परिसर तक पहुंच गया। वहीं, गैरसैंण क्षेत्र के कल्याणा मल्ला गांव में भारी बारिश के कारण एक गौशाला ढह गई। हालांकि, घटना से पहले पशुओं को सुरक्षित स्थान पर बांध दिए जाने के कारण किसी मवेशी की जान नहीं गई। उधर पौड़ी-देवप्रयाग मोटरमार्ग पर सौड़ के पास भारी मलबा और पेड़ गिरने से यातायात बाधित हो गया।

कल्पेश्वर मंदिर परिसर में घुसा कई टन मलबा

पिछले चार-पांच दिनों से चमोली में लगातार हो रही बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं और कई मोटर मार्ग मलबा आने से प्रभावित हुए हैं। इसी बीच जोशीमठ ब्लॉक में स्थित कल्पेश्वर मंदिर के ऊपर देर रात पहाड़ी से भारी भूस्खलन हुआ। मंदिर के सचिव लक्ष्मण नेगी के मुताबिक, लगातार बारिश के चलते पहाड़ी से कई टन मलबा नीचे आ गया, जो मंदिर परिसर में जा घुसा। भूस्खलन से मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। हालांकि, राहत की बात यह है कि भूस्खलन की इस घटना में किसी तरह की जनहानि की सूचना नहीं है।

प्रशासन ने मौके पर भेजी टीम

कल्पेश्वर मंदिर में भूस्खलन की सूचना तहसील प्रशासन जोशीमठ को दे दी गई है। चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि प्रशासन की टीम को मौके पर भेजा जा रहा है। टीम घटनास्थल पर पहुंचकर नुकसान का जायजा लेगी और स्थिति के अनुसार आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

गैरसैंण में बारिश से गौशाला ध्वस्त

विकासखंड गैरसैंण के कुनीगाड़ क्षेत्र के कल्याणा मल्ला गांव में भी देर रात हुई भारी बारिश का असर देखने को मिला। मूसलाधार बारिश के कारण एक गौशाला ढह गई। गनीमत रही कि बारिश के खतरे को देखते हुए गौशाला मालिक रतन सिंह ने पहले ही अपने मवेशियों को दूसरी जगह बांध दिया था। इससे सभी मवेशियों की जान बच गई और बड़ा हादसा टल गया।

पौड़ी-देवप्रयाग मार्ग पर मलबा आने से यातायात ठप

पौड़ी में भी देर रात से हो रही भारी बारिश ने जनजीवन प्रभावित किया है। बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। वहीं पौड़ी-देवप्रयाग मोटरमार्ग पर सौड़ के पास पहाड़ी से भारी मलबा और पेड़ सड़क पर आ गिरे, जिससे दोनों तरफ से यातायात पूरी तरह रुक गया। मार्ग बंद होने के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। यात्रियों को काफी समय तक सड़क खुलने का इंतजार करना पड़ा।

मशीन से मलबा हटाने का काम जारी

मलबा आने की सूचना के बाद लोक निर्माण विभाग की मशीन मौके पर भेजी गई। इसके बाद सड़क से मलबा हटाने का काम शुरू किया गया, लेकिन बड़ी मात्रा में पत्थर, मलबा और पेड़ होने के कारण मार्ग खोलने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पौड़ी निवासी वैभव रावत ने बताया कि वह काम से पौड़ी से देहरादून जा रहे थे। सौड़ के पास पहुंचने पर उन्हें सड़क पूरी तरह बंद मिली। मशीन से मलबा हटाने का प्रयास किया गया, लेकिन पत्थर और पेड़ अधिक होने के कारण रास्ता तुरंत नहीं खुल सका।

थाना देवप्रयाग के थानाध्यक्ष अमरजीत सिंह के मुताबिक, भारी बारिश के चलते सुबह सौड़ के पास मलबा आने से मार्ग बाधित हुआ था। सूचना मिलते ही लोक निर्माण विभाग की मशीन मौके पर भेजी गई। सड़क खोलने का काम जारी है। यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस टीम भी मौके पर तैनात है और जल्द ही मार्ग को आवाजाही के लिए खोलने का प्रयास किया जा रहा है।

Please follow and like us:
Pin Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *