मुख्य सचिव बोले- ‘फाइल डिस्पोजल’ से आगे बढ़कर प्रशासन को ‘आउटकम डिलीवरी’ पर करना होगा फोकस - Uttarakhand Samachar

देहरादून: स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सचिवालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने प्रदेशवासियों, सचिवालय परिवार, उत्तराखंड पुलिस एवं पीएसी के जवानों, राजकीय इंटर कॉलेज के विद्यार्थियों और शिक्षकों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन किया। मुख्य सचिव ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस उन असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, तपस्या और बलिदान को याद करने का अवसर है, जिनके संघर्ष की बदौलत भारत आज एक स्वतंत्र, लोकतांत्रिक और संप्रभु राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता हमें विरासत में मिली है, लेकिन राष्ट्र निर्माण की जिम्मेदारी वर्तमान पीढ़ी की है।

आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा भारत

आनंद बर्द्धन ने कहा कि आज का भारत आत्मविश्वास से भरा हुआ है। आर्थिक, वैज्ञानिक, तकनीकी और सामरिक क्षेत्रों में देश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प में उत्तराखंड की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य का लक्ष्य ‘विकसित भारत के साथ विकसित उत्तराखंड’ होना चाहिए।

25 वर्षों की यात्रा आत्मावलोकन का अवसर

मुख्य सचिव ने उत्तराखंड के गठन के 25 वर्षों की यात्रा को आत्मावलोकन और भविष्य की दिशा तय करने का महत्वपूर्ण अवसर बताया। उन्होंने कहा कि राज्य का गठन केवल प्रशासनिक पुनर्गठन नहीं था, बल्कि पर्वतीय क्षेत्रों की विशिष्ट आवश्यकताओं, भौगोलिक-सांस्कृतिक परिस्थितियों और विकास की आकांक्षाओं से जुड़ा लंबा संघर्ष रहा है। उन्होंने कहा कि इन वर्षों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पेयजल, पर्यटन, डिजिटल कनेक्टिविटी और आधारभूत ढांचे के क्षेत्र में काफी प्रगति हुई है। हालांकि, पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन, रोजगार के पर्याप्त अवसर, दूरस्थ क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य और शिक्षा की पहुंच, आपदा जोखिम कम करना, जल स्रोतों का संरक्षण और हिमालयी पारिस्थितिकी की सुरक्षा जैसी चुनौतियों पर अभी लगातार काम करने की जरूरत है।

गांवों में रोजगार और महिलाओं की आत्मनिर्भरता पर जोर

मुख्य सचिव ने कहा कि विकसित उत्तराखंड का मतलब केवल बड़े शहरों और बड़ी परियोजनाओं तक सीमित नहीं होना चाहिए। ऐसा उत्तराखंड विकसित माना जाएगा, जहां पहाड़ का युवा अपने गांव में रहकर सम्मानजनक रोजगार हासिल कर सके, महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनें, हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले और प्रत्येक नागरिक को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हों।

‘फाइल डिस्पोजल’ से आगे ‘आउटकम डिलीवरी’ जरूरी

मुख्य सचिव ने सचिवालय को राज्य शासन का ‘मस्तिष्क’ बताते हुए कहा कि यहां लिए जाने वाले हर निर्णय का असर प्रदेश के गांवों और नागरिकों तक पहुंचता है। इसलिए प्रशासन की जिम्मेदारी है कि सरकार का प्रत्येक फैसला लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से प्रशासन को केवल योजनाओं और फाइलों तक सीमित न रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि शासन व्यवस्था को ‘फाइल डिस्पोजल’ से आगे ‘आउटकम डिलीवरी’ की दिशा में ले जाना होगा। तकनीक के इस्तेमाल से प्रशासन को अधिक तेज, पारदर्शी, संवेदनशील और नागरिक-केंद्रित बनाने पर भी जोर दिया।

हिमालय के अनुकूल विकास मॉडल की जरूरत

आनंद बर्द्धन ने कहा कि उत्तराखंड हिमालय का प्रहरी है और राज्य की नदियां केवल जलधाराएं नहीं, बल्कि सभ्यता, संस्कृति और अर्थव्यवस्था का आधार हैं। इसी तरह जंगल जल स्रोतों, जैव विविधता और जलवायु संतुलन के महत्वपूर्ण संरक्षक हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में विकास का मॉडल हिमालय-संवेदनशील होना चाहिए। आपदा प्रबंधन में केवल घटना के बाद प्रतिक्रिया देने के बजाय पूर्व तैयारी और जोखिम न्यूनीकरण पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है।

पर्यटन को बनाना होगा जिम्मेदार और टिकाऊ

मुख्य सचिव ने पर्यटन को उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए कहा कि अब पर्यटन को सिर्फ पर्यटकों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। राज्य को रिस्पॉन्सिबल, सस्टेनेबल और हाई-वैल्यू टूरिज्म की दिशा में आगे बढ़ना होगा, ताकि पर्यटन से अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले और पर्यावरण पर अनावश्यक दबाव भी न पड़े।

कर्तव्यनिष्ठा और पारदर्शिता को कार्यसंस्कृति का आधार बनाने का आह्वान

मुख्य सचिव ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमें स्वतंत्रता, जिम्मेदारी और संकल्प की तीन मूल भावनाओं की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता को समृद्धि, समान अवसर और सम्मानजनक जीवन में बदलना हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने सचिवालय के अधिकारियों और कर्मचारियों से कर्तव्यनिष्ठा, पारदर्शिता, नवाचार और संवेदनशीलता को कार्यसंस्कृति का आधार बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हर निर्णय उत्तराखंड के हित में, हर प्रयास जनहित में और हर कार्य विकसित उत्तराखंड की दिशा में होना चाहिए।  इस अवसर पर मुख्य सचिव ने देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा के लिए समर्पित भारतीय सेना, अर्द्धसैनिक बलों, पुलिस बलों और सभी वीर जवानों के प्रति सम्मान व्यक्त किया। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव, सचिव, अपर सचिव, सचिवालय के अधिकारी-कर्मचारी और स्कूल के विद्यार्थी मौजूद रहे।

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