बीते दिन को हल्द्वानी स्थित DPS में आयोजित हल्द्वानी लिटरेचर फेस्टिवल में आईपीएस डीजीपी अशोक कुमार की पुस्तक “खाकी में इंसान” पर एक सार्थक और जन उपयोगी परिचर्चा हुई, जिसमें पीपल फ्रेंडली पुलिस, समाज और पुलिस की सार्थकता व नए भारत निर्माण में पुलिस का अहम और सकारात्मक योगदान जैसे रोचक मुद्दों पर बातचीत हुई। साथ ही पुलिसिंग के कार्यों पर प्रश्न पूछे गए।खाकी में इन्सान” एक ऐसी पुस्तक है जिसने जनता की पुलिस के प्रति सोच बदली है। आखिर खाकी वर्दी पहने हुए पुलिस वाले भी इंसान हैं। वे भी इसी समाज का हिस्सा है। पुलिस की वर्दी में इंसान बने रहना मुश्किल नहीं है क्योंकि पुलिस की जिंदगी में हर रोज कई लोगों की मदद करने का मौका मिलता है। Please follow and like us: Share Post Share Post navigation 13 साल के बच्चे को नदी में खींच लिया मगरमच्छ फिर क्या हुआ जानिए स्टेट फ्रंट लाइन वर्कर्स ने सौंपी कांग्रेस उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना को 2200 कर्मियों की सूची