देहरादून में डेंगू को लेकर अलर्ट, जानिए कैसे करें बचाव और बच्चों में क्या हैं लक्षण

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देहरादून:- उत्तराखंड में मानसून के सक्रिय रहने के बीच देहरादून में डेंगू के मामले भी सामने आ रहे हैं। बारिश के मौसम में मच्छरों के पनपने की आशंका बढ़ने के साथ स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू की रोकथाम और निगरानी पर जोर दिया है। विभाग के अनुसार 4 अगस्त तक देहरादून में 13,019 डेंगू सैंपल कलेक्ट किए जा चुके हैं, जिनमें 49 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, डेंगू संक्रमित पाए गए 49 मरीजों में 26 देहरादून जिले के हैं, जबकि 23 मरीज अन्य जिलों से संबंधित हैं। राहत की बात यह है कि अब तक 44 मरीज स्वस्थ होकर रिकवर हो चुके हैं। फिलहाल पांच मरीज एक्टिव केस के तौर पर अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं।

मानसून में डेंगू को लेकर बढ़ी सतर्कता

बारिश के दौरान घरों और आसपास पानी जमा होने से डेंगू फैलाने वाले मच्छरों के प्रजनन की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में लोगों को अपने आसपास साफ-सफाई रखने और किसी भी स्थान पर पानी जमा नहीं होने देने की सलाह दी जा रही है। डेंगू से बचाव के लिए मच्छरों के संपर्क से बचना सबसे अहम है। खासकर सुबह और शाम के समय शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनने और जरूरत के अनुसार मच्छरदानी या मच्छररोधी उत्पादों का इस्तेमाल करने से बचाव में मदद मिल सकती है।

घर में इन जगहों पर जमा न होने दें पानी

डेंगू से बचाव के लिए कूलर, गमले, पुराने टायर, बाल्टी, खुले डिब्बे और छत पर रखे ऐसे बर्तन, जिनमें पानी जमा हो सकता है, उनकी नियमित जांच जरूरी है। कूलर, फूलदान, फ्रिज की ट्रे और पानी जमा होने वाली अन्य जगहों को सप्ताह में कम से कम एक बार खाली कर साफ करने की सलाह दी जाती है। घर के आसपास जलभराव होने पर उसे जल्द हटाना भी जरूरी है।

मच्छरों से बचाव के लिए अपनाएं ये उपाय

  • सुबह और शाम के समय पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें।
  • सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें।
  • जरूरत के अनुसार मच्छररोधी क्रीम या अन्य रिपेलेंट का उपयोग करें।
  • घर के दरवाजों और खिड़कियों पर मच्छररोधी जाली लगाएं।
  • कूलर, गमले और दूसरे कंटेनरों में पानी जमा न होने दें।
  • घर और आसपास की नालियों की नियमित सफाई रखें।
  • सप्ताह में कम से कम एक बार पानी जमा होने वाले बर्तनों को खाली कर साफ करें।

बच्चों को डेंगू से कैसे बचाएं?

बच्चों को डेंगू से बचाने के लिए उन्हें फुल स्लीव कपड़े और पूरी पैंट पहनाना उपयोगी हो सकता है। सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें और कमरे में मच्छरों की मौजूदगी कम करने के लिए खिड़की-दरवाजों पर जाली लगाएं। बच्चों के लिए मच्छररोधी उत्पाद इस्तेमाल करते समय उत्पाद के निर्देशों का पालन करना चाहिए। विशेषकर छोटे बच्चों पर किसी भी रिपेलेंट का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है। इसके अलावा बच्चों के टॉय बॉक्स, कूलर, गमले, बाल्टी या ऐसी अन्य जगहों पर पानी जमा न होने दें, जहां मच्छर पनप सकते हैं।

बच्चों में डेंगू के ये लक्षण दिखें तो रहें सतर्क

डेंगू में तेज बुखार के साथ सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, शरीर और जोड़ों में दर्द, थकान, भूख कम लगना, मतली या उल्टी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ मामलों में त्वचा पर लाल चकत्ते भी नजर आ सकते हैं। गंभीर स्थिति में पेट में लगातार दर्द, सूजन या रक्तस्राव जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ऐसे लक्षण नजर आने पर खुद से इलाज करने के बजाय तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

डेंगू से बचाव में साफ-सफाई सबसे जरूरी

डेंगू से बचाव के लिए घर के साथ-साथ आसपास के क्षेत्र में भी पानी जमा होने से रोकना जरूरी है। मानसून के दौरान नियमित रूप से कूलर, गमले, छत और अन्य संभावित जगहों की जांच करें। देहरादून में स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक फिलहाल 49 डेंगू संक्रमित मरीज सामने आए हैं। इनमें से अधिकांश मरीज रिकवर हो चुके हैं, जबकि पांच मरीजों का इलाज चल रहा है। ऐसे में लोगों की सतर्कता और मच्छर नियंत्रण के उपाय डेंगू के प्रसार को रोकने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

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