देहरादून के करोड़ों के Arcadia Hillocks घोटाले में बड़ा एक्शन, शाश्वत गर्ग परिवार पर कार्रवाई तेज

Read Time:6 Minute, 10 Second

देहरादून:- उत्तराखंड के बहुचर्चित आर्केडिया हिलॉक्स हाउसिंग प्रोजेक्ट से जुड़े कथित करोड़ों रुपये के धोखाधड़ी मामले में फरार आरोपी शाश्वत गर्ग और उसके परिवार की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। पुलिस की जांच तेज होने के साथ अब आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी निर्णायक चरण में पहुंच गई है। पुलिस ने पहले ही मुख्य आरोपी और उसके परिजनों के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी करा दिया है, जबकि तीन आरोपियों के पासपोर्ट भी निरस्त किए जा चुके हैं ताकि वे देश छोड़कर फरार न हो सकें। जानकारी के अनुसार, 21 नवंबर 2025 को आर्केडिया हिलॉक्स सोसाइटी के अध्यक्ष विवेक कुमार की शिकायत पर राजपुर थाना में मुकदमा दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया कि शाश्वत गर्ग और उसके सहयोगियों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर फ्लैट आवंटन के नाम पर कई निवेशकों से करोड़ों रुपये की वसूली की, लेकिन उन्हें न तो वैध आवंटन दिया गया और न ही संपत्ति का कब्जा सौंपा गया। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और आपराधिक साजिश जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि शाश्वत गर्ग अपनी पत्नी साक्षी गर्ग, बेटे, पिता प्रवीण गर्ग और मां अंजली गर्ग के साथ पिछले वर्ष अक्टूबर से लापता है। लगातार तलाश के बावजूद परिवार का कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है। जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि फरार होने से पहले गर्ग परिवार को उत्तर प्रदेश के हापुड़ स्थित शाश्वत गर्ग के साले सुलभ गोयल के घर पर देखा गया था। इसके बाद पुलिस ने कई राज्यों में उनकी तलाश शुरू की। इस बीच निवेशकों ने आशंका जताई कि आरोपी विदेश भाग सकते हैं, जिसके बाद क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई गई।

निवेशकों की शिकायत और पुलिस रिपोर्ट के आधार पर क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय ने शाश्वत गर्ग, साक्षी गर्ग और प्रवीण गर्ग के पासपोर्ट रद्द कर दिए। इसके साथ ही तीनों आरोपियों के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) भी जारी किया गया है, जिससे वे किसी भी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट या सीमा से देश छोड़कर नहीं जा सकेंगे। इधर, 22 जुलाई को राजपुर पुलिस ने न्यायालय के आदेश के बाद शाश्वत गर्ग के आवास पर कुर्की की कार्रवाई भी की। पुलिस अधिकारियों के अनुसार अन्य फरार आरोपियों की संपत्तियों की भी पहचान की जा चुकी है और उनके खिलाफ भी जल्द कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।

एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल ने बताया कि फरार आरोपियों को कानून के दायरे में लाने के लिए सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है। पुलिस की विशेष टीमें लगातार उनकी तलाश में जुटी हैं और मामले से जुड़े सभी आर्थिक पहलुओं की भी जांच की जा रही है। जांच में सामने आया है कि शाश्वत गर्ग ने मसूरी रोड स्थित आर्केडिया हिलॉक्स ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट और थानो क्षेत्र में इंपीरियल वैली प्लॉटेड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट लॉन्च किए थे। आरोप है कि इन दोनों परियोजनाओं में बड़ी संख्या में लोगों से निवेश कराया गया, लेकिन तय समय पर न तो फ्लैट दिए गए और न ही प्लॉट का वैध कब्जा सौंपा गया। कई निवेशकों का आरोप है कि उन्हें फर्जी दस्तावेज और भ्रामक जानकारी देकर करोड़ों रुपये का निवेश कराया गया।

पुलिस के अनुसार, केवल आर्केडिया हिलॉक्स परियोजना में ही 21 से अधिक फ्लैट आवंटन में गंभीर अनियमितताओं की शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। मामले की जांच के दौरान गर्ग परिवार के अलावा उनके कुछ रिश्तेदारों तथा कुछ बैंक और वित्तीय संस्थानों की भूमिका भी जांच के दायरे में लाई गई है। इसके अतिरिक्त रानीपोखरी थाना क्षेत्र में भी शाश्वत गर्ग और उसके सहयोगियों के खिलाफ एक अलग आपराधिक मामला दर्ज है, जिसकी जांच समानांतर रूप से जारी है। पुलिस का कहना है कि यदि जांच में और पीड़ित सामने आते हैं तो उनके बयान भी दर्ज किए जाएंगे तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %
Please follow and like us:
Pin Share

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *