छात्रों को मिलेगी काउंसलिंग और जागरूकता, 3 अगस्त से शुरू होगा नया कार्यक्रम - Uttarakhand Samachar

पंजाब में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने और जागरूक बनाने के उद्देश्य से स्टेट काउंसिल फॉर एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (SCERT) ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य के सभी सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त सेकेंडरी स्कूलों में 9वीं और 10वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए ‘स्वागत जिंदगी’ पीरियड के तहत ‘स्कूल नशों विरुद्ध’ करिकुलम 3 अगस्त से लागू किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य छात्रों को नशे से दूर रखते हुए स्वस्थ और जिम्मेदार जीवनशैली के प्रति जागरूक करना है। एससीईआरटी द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार यह वीडियो आधारित पाठ्यक्रम ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान का हिस्सा होगा। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को नशे के नुकसान, गलत संगत और साथियों के दबाव (पीयर प्रेशर) से बचने के तरीके, मानसिक मजबूती और जरूरत पड़ने पर सही मदद लेने की जानकारी दी जाएगी। प्रत्येक सप्ताह ‘स्वागत जिंदगी’ पीरियड में एक विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए प्रत्येक स्कूल में एक नोडल अध्यापक नियुक्त किया जाएगा। यह शिक्षक पूरे कार्यक्रम की निगरानी करेगा और निर्धारित समय के भीतर अपना विवरण जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कार्यालय को भेजेगा। साथ ही स्कूलों को इंटरनेट, प्रोजेक्टर और स्पीकर जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध रखने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि वीडियो आधारित पढ़ाई प्रभावी ढंग से कराई जा सके।

प्रत्येक सत्र के बाद नोडल अध्यापक को 24 घंटे के भीतर ऑनलाइन ‘स्क्रीनिंग ट्रैकर’ फॉर्म भरना अनिवार्य होगा। इसमें सत्र की तारीख, कक्षा, पढ़ाए गए विषय और उपस्थित विद्यार्थियों की जानकारी दर्ज की जाएगी। कार्यक्रम की प्रगति पर नजर रखने के लिए ऑनलाइन मॉनिटरिंग डैशबोर्ड तैयार किया गया है, जिसकी समीक्षा जिला शिक्षा अधिकारी हर 15 दिन में करेंगे और मासिक रिपोर्ट एससीईआरटी को भेजेंगे। यदि किसी विद्यार्थी में नशे से जुड़ी समस्या या मानसिक तनाव के संकेत दिखाई देते हैं, तो स्कूल प्रबंधन को गोपनीयता बनाए रखते हुए तुरंत काउंसलिंग और चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य समय रहते बच्चों को सही मार्गदर्शन और सहायता प्रदान करना है। इस करिकुलम के तहत अगस्त से जनवरी तक कुल 14 सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें वास्तविक जीवन की प्रेरक कहानियों पर आधारित डॉक्यूमेंट्री वीडियो, विशेषज्ञों के संदेश, वर्कशीट, समूह गतिविधियां और पीयर प्रेशर से निपटने के लिए रोल प्ले जैसी गतिविधियां शामिल होंगी। अंतिम सत्र में विद्यार्थियों को नशा मुक्त जीवन की शपथ दिलाई जाएगी और अभियान का समापन विशेष वीडियो के साथ किया जाएगा।

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