दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध की गूंज अब अन्य क्षेत्रों तक पहुंचने लगी है। इसी कड़ी में वीरवार को गांव गतौली में बड़ी संख्या में युवाओं ने फ्लाईओवर के नीचे एकत्र होकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए छात्रों पर बल प्रयोग की कड़ी आलोचना की और इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत बताया। प्रदर्शन में शामिल युवाओं का कहना था कि छात्र अपनी मांगों को शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से उठा रहे थे, लेकिन उन पर कथित लाठीचार्ज किया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उनका कहना था कि लोकतंत्र में हर नागरिक को अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है, जिसका सम्मान किया जाना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि छात्रों की समस्याओं का समाधान बातचीत से करने के बजाय पुलिस कार्रवाई का सहारा लिया गया। उनका कहना था कि ऐसी घटनाएं युवाओं में असंतोष बढ़ाती हैं और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने सरकार से छात्रों के साथ संवेदनशील व्यवहार अपनाने की अपील की। युवाओं ने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोगों की आवाज को दबाने की कोशिश उचित नहीं मानी जा सकती। सरकार को छात्रों और युवाओं के साथ संवाद स्थापित कर उनकी मांगों का समाधान करना चाहिए, ताकि विवादों का शांतिपूर्ण समाधान निकल सके। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से जंतर-मंतर की घटना की निष्पक्ष जांच कराने और यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन हुआ है तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की भी अपील की। शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए इस प्रदर्शन में युवाओं ने चेतावनी दी कि यदि छात्रों के साथ इसी तरह का व्यवहार जारी रहा तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। उनका कहना था कि छात्र और युवा देश का भविष्य हैं और उनके अधिकारों तथा सम्मान की रक्षा करना प्रत्येक लोकतांत्रिक सरकार की जिम्मेदारी है। Please follow and like us: Share Post Share Post navigation अमर उजाला की अनूठी पहल, प्रतिभाशाली छात्रों को मिलेगा नई पहचान 504 करोड़ घोटाले में CBI ने मांगी IAS अधिकारी की 2011 से विदेश यात्रा की जानकारी