प्रशासनिक गलियारों में तबादले अक्सर तनाव या चर्चाओं का विषय होते हैं, लेकिन उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में आज एक ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने राज्य गठन के 25 वर्षों के इतिहास में स्वस्थ परंपरा का नया अध्याय लिख दिया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा जारी तबादला सूची के बाद, निवर्तमान एसएसपी अजय सिंह ने नए कप्तान प्रमेंद्र सिंह को पूरे राजकीय सम्मान और व्यक्तिगत सौहार्द के साथ कार्यभार सौंपा। बैचमेट्स का साथ और प्रोफेशनलिज्म की मिसाल आज की इस मुलाकात में खास बात यह रही कि अजय सिंह और प्रमेंद्र सिंह न केवल पुलिस सेवा के अधिकारी हैं, बल्कि वे बैचमेट और गहरे मित्र भी हैं। आमतौर पर पद के हस्तांतरण के दौरान औपचारिकताएं निभाई जाती हैं, लेकिन यहाँ दोनों अधिकारियों के चेहरों पर दिख रही मुस्कान और आपसी बातचीत ने यह संदेश दिया कि पुलिस महकमे में ‘प्रोफेशनल स्पिरिट’ सर्वोपरि है। अजय सिंह: एक मजबूत विरासत का अंत एसएसपी अजय सिंह का देहरादून में कार्यकाल अब तक का सबसे लंबा कार्यकाल रहा। उन्होंने न केवल कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ किया, बल्कि कई ऐतिहासिक मामलों को सुलझाकर विभाग में एक ऊंची लकीर खींची है। उनके विदाई के समय के संयम और स्वागत की भावना ने अधीनस्थ पुलिस बल को भी प्रेरित किया। प्रमेंद्र सिंह: ‘एनकाउंटर’ और ‘कानून’ का सख्त चेहरा देहरादून के नए कप्तान प्रमेंद्र सिंह का रिकॉर्ड भी बेहद प्रभावी रहा है। हरिद्वार में तैनाती के दौरान उन्होंने अपराधियों के भीतर खौफ पैदा किया था। विशेषकर बाबा तरसेम हत्याकांड के आरोपियों का एनकाउंटर उनके सख्त तेवरों की गवाही देता है। चार्ज लेने के बाद दोनों अधिकारियों ने संयुक्त रूप से पुलिस बल से मुलाकात की और आगामी चुनौतियों पर चर्चा की। Please follow and like us: Share Post Share Post navigation शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन में नई ऊंचाइयों पर देवभूमि: नड्डा के दौरे से भाजपा कार्यकर्ताओं में भरा जोश। डीजीपी के निर्देश: सर्किल और थाना स्तर पर विशेष टीमें गठित, उत्तराखंड में अपराध मुक्त समाज का संकल्प।