वीर जवान प्रमोद जाधव को अंतिम सलाम: प्रसव के कुछ घंटों बाद ही पत्नी ने निभाया पत्नी धर्म, अंतिम दर्शन के लिए पहुँची घाट।

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सतारा, महाराष्ट्र: नियति का ऐसा क्रूर मजाक शायद ही पहले कभी देखा गया हो। लद्दाख की बर्फीली चोटियों पर देश की रक्षा करने वाले हवलदार प्रमोद जाधव ने अपनी पत्नी की देखभाल के लिए छुट्टी ली थी। जिस पत्नी और आने वाली संतान की खुशी के लिए वे घर आए थे, उसी बेटी के जन्म से चंद घंटे पहले एक सड़क हादसे ने उनसे जीवन छीन लिया।

खबर का मर्म: जब अस्पताल से सीधे श्मशान पहुँची ‘सुहागन’

  • एक अधूरी मुलाकात: प्रमोद अपनी गर्भवती पत्नी को अस्पताल भर्ती कराकर सामान लेने घर जा रहे थे, तभी ट्रक की टक्कर ने सब उजाड़ दिया।

  • बेटी ने लिया जन्म, पिता ने तोड़ा दम: जिस समय पत्नी रुतुजा प्रसव पीड़ा में बेटी को जन्म दे रही थी, उस समय प्रमोद जिंदगी की जंग हार चुके थे।

  • स्ट्रेचर पर अंतिम विदाई: सिजेरियन ऑपरेशन और प्रसव के मात्र 8 घंटे बाद, रुतुजा अपनी नन्हीं बेटी को गोद में लिए स्ट्रेचर पर ही अपने पति के पार्थिव शरीर को नमन करने पहुँची। यह दृश्य देख वहां मौजूद हर आंख छलक उठी।

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