हाईकोर्ट आदेश के बावजूद नियमितीकरण न होने पर कर्मचारियों में नाराजगी - Uttarakhand Samachar

प्रदेश में हड़ताल पर गए उपनल कर्मचारियों में से दो कर्मचारियों ने आमरण अनशन शुरू कर दिया। परेड ग्रांउड में अनशन पर बैठे महेश भट्ट और योगेंद्र बडोनी ने कहा, जब तक मांगों पर अमल नहीं होगा अनशन जारी रहेगा। वहीं, कुछ अन्य संगठनों के साथ ही कांग्रेस ने कर्मचारियों के आंदोलन को समर्थन दिया है। समान काम के लिए समान वेतन और नियमित करने सहित कुछ अन्य मांगों के लिए उपनल कर्मचारी दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे। हड़ताल पर गए कर्मचारियों ने परेड ग्राउंड में धरना दिया। कर्मचारियों ने कहा, हाईकोर्ट के वर्ष 2018 के आदेश के बाद भी उन्हें नियमित न कर उनके हितों की अनदेखी की जा रही है। उपनल कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के प्रदेश संयोजक विनोद गोदियाल के मुताबिक कर्मचारियों के आंदोलन को पेयजल निगम और राज्य अधिकारी, कर्मचारी महासंघ का समर्थन मिला है। वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष संगठन सूर्यकांत धस्माना सहित कुछ अन्य कार्यकर्ताओं ने धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दिया। धस्माना ने कहा, हाईकोर्ट ने उपनल कर्मचारियों को चरणबद्ध तरीके से नियमित करने का आदेश किया था, लेकिन सरकार इस फैसले के खिलाफ उच्चतर न्यायालय चली गई थी।उच्चतम न्यायालय ने सरकार की एसएलपी को खारिज कर दिया था। सरकार उपनल कर्मचारियों को समान काम के लिए समान वेतन दे। इसके बाद उन्हें वरिष्ठता के आधार पर नियमित किया जाए। काम काज हुआ प्रभावित उपनल कर्मचारियों की हड़ताल से दून मेडिकल कालेज, ऊर्जा निगम एवं कुछ अन्य विभागों में काम काज प्रभावित हुआ। धरना देने वालों में यह रहे शामिल परेड ग्राउंड में दो कर्मचारी आमरण अनशन पर बैठे, वहीं अन्य कर्मचारियों ने उनके समर्थन में धरना दिया। धरना देने वालों में जगत राम भट्ट, मीना रौथाण, विनय प्रसाद, विजय राम शर्मा, आजाद रावत, योगेश सेमवाल, रोहित वर्मा आदि शामिल रहे।

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