घसियारी कल्याण योजना जहां अभी तक उत्तराखंड में चार जिलों में संचालित हो रही थी वहीं अब सभी पर्वतीय जिलों में भी चलेगी। वहीं नैनीताल और देहरादून के पर्वतीय विकास खंडों को भी योजना में शामिल किया गया है। इससे प्रदेश की तीन लाख से अधिक महिलाओं को फायदा होगा। अभी चार जिलों पौड़ी, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा और चंपावत में 62 एमपैक्स के जरिये 75 प्रतिशत अनुदान पर महिलाओं को साइलेज वितरित किया जा रहा था। अब योजना में टिहरी, उत्तरकाशी, चमोली, देहरादून, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ को भी शामिल कर लिया गया है। इसके लिए 88 नई एमपैक्स का चयन कर लिया गया है। सहकारिता मंत्री डॉ.धन सिंह रावत की ओर से पिछले दिनों सचिव सहकारिता व मुख्य परियोजना निदेशक डॉ.बीवीआरसी पुरुषोत्तम को इसके निर्देश दिए गए थे। मंत्री ने बताया कि योजना के तहत पैक्ड सायलेज (सुरक्षित हरा चारा) और संपूर्ण मिश्रित पशुआहार (टीएमआर) उपलब्ध होगा। सरकार एक ओर जहां मक्के की खेती कराने में सहयोग देगी तो दूसरी ओर उनकी फसलों का क्रय भी करेगी। सचिव सहकारिता डॉ.बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने बताया कि 11 जिलों में कुल 150 बहुद्देश्यीय प्रारंभिक कृषि ऋण समितियों (एमपैक्स) के माध्यम से योजना का संचालन किया जाएगा। पर्वतीय क्षेत्रों में सहकारिता विभाग की राज्य समेकित सहकारी विकास परियोजना के तहत मुख्यमंत्री घसियारी कल्याण योजना का केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 30 अक्टूबर 2021 में देहरादून में शुभारंभ किया था। शुरू में इस योजना में दो ही जिलों को शामिल किया गया था। Please follow and like us: Share Post Share Post navigation सीएम धामी ने लाल बहादुर शास्त्री अकादमी के परिसर में लगे 22 राज्यों द्वारा लगाए गए हस्तकला स्टालों का किया अवलोकन सीएम धामी ने चारधाम यात्रा मोटर मार्ग में होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए उठाया सख्त कदम