सुधा डेयरी प्लांट की शुरुआत: सीएम नीतीश ने जताई दूध उत्पादन बढ़ने की उम्मीद

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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गोपालगंज जिले के कटेया प्रखंड के बैरिया गांव में एक लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले दुग्ध उत्पादन संयंत्र का शिलान्यास किया। 53.64 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस संयंत्र से न केवल गोपालगंज, बल्कि सीवान और पश्चिमी चंपारण जिलों के 50,000 से अधिक किसानों को लाभ होगा। इस परियोजना को ग्रामीण अर्थव्यवस्था और दुग्ध उत्पादकों के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

दुग्ध संयंत्र की विशेषताएं और लाभ

  संयंत्र का कुल क्षेत्रफल 10.81 एकड़ है, जिसमें 7197 वर्ग मीटर में संयंत्र, प्रशासनिक भवन, सर्विस ब्लॉक और भंडारण इकाइयों का निर्माण होगा।

  संयंत्र के निर्माण से स्थानीय दुग्ध समितियों को मजबूती मिलेगी, जिससे दुग्ध उत्पादकों की आय में वृद्धि होगी।

  सात निश्चय-2 योजना के तहत राज्य सरकार ने 7,000 नई दुग्ध समितियों के गठन की स्वीकृति दी है। यह संयंत्र इन समितियों से जुड़ी दुग्ध प्रोसेसिंग की जरूरतों को पूरा करेगा।

  स्थानीय स्तर पर दूध की प्रोसेसिंग और विपणन से किसान दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में प्रेरित होंगे।

समारोह में मुख्यमंत्री की घोषणाएं

मुख्यमंत्री ने भूमि पूजन और शिलापट्ट का अनावरण करते हुए कहा कि यह संयंत्र दुग्ध उत्पादन क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव लाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि परियोजना को समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संयंत्र न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा, बल्कि जल-जीवन-हरियाली अभियान को भी बढ़ावा देगा।

स्टॉल निरीक्षण और लाभुकों को सहायता

मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया, जिसमें कृषि, मत्स्य, पशुपालन, जीविका और समाज कल्याण विभाग शामिल थे। उन्होंने दिव्यांग सशक्तीकरण योजना के तहत लाभुकों को बैट्री चालित ट्राइसाइकिल भी प्रदान की।

परियोजना का आर्थिक और सामाजिक प्रभाव

यह संयंत्र किसानों को उनके उत्पाद का बेहतर मूल्य प्रदान करेगा। इसके अलावा, दुग्ध समितियों के गठन से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। संयंत्र के शुरू होने से दुग्ध उत्पादन और प्रसंस्करण के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।

समारोह में पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री रेणु देवी, जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, शिक्षा मंत्री सुनील कुमार, सांसद डॉ. आलोक कुमार सुमन, विधायक अमरेंद्र कुमार पांडे, कुसुम देवी और कई अन्य मंत्री, अधिकारी और स्थानीय जन प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने इस परियोजना को ग्रामीण विकास और किसानों की समृद्धि के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

पर्यावरण संरक्षण पर जोर

मुख्यमंत्री ने जल-जीवन-हरियाली अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि यह संयंत्र पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ विकास के उद्देश्यों को भी पूरा करेगा। उन्होंने पर्यावरण को संरक्षित रखने की आवश्यकता पर बल दिया।

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