उत्तरकाशी के सावणी गांव में भीषण अग्निकांड, 15 से ज्यादा परिवार बेघर, एक महिला की मौत

Read Time:3 Minute, 49 Second

उत्तराखंड में उत्तरकाशी जिले के मोरी में सावणी गांव में देर रात भीषण आग्निकांड हो गया। यहां अचानक एक घर में आग लग गई। आग इतनी विकराल थी कि उसने एक-एक कर कई घरों को अपनी चपेट में ले लिया। घर लकड़ी के बने थे इसलिए आग और फैल गई। इस दौरान गांव में पानी ना होने के कारण आग पर काबू पानी में काफी दिक्कत हुई। जिस वजह से नौ घर जलकर राख हो गए। वहीं, हादसे में एक महिला की जान भी चली गई।

एसडीआरएफ,फायर सर्विस, पशुपालन विभाग  और वन विभाग की टीम भी सुबह तक आग पर काबू पा सकी। तब तक आग से गांव  में घर जल चुके थे। वहीं, नौ मकान जल गए, तीन को पूरी तरह से तोड़ा गया और दो को आंशिक रूप से तोड़ा गया। जिससे कई घंटे बाद आग पर काबू पाया गया।

घटना रात को करीब दस बजे हुई। जिला आपातकालीन परिचालन केन्द्र में प्राप्त एक दूरभाष संदेश के माध्यम से तहसील मोरी के अंतर्गत सावणी गांव में आगलगने की सूचना दी गई है। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ, पुलिस, फायर सर्विस मोरी फायर सर्विस नौगांव, राजस्व, टीम मोरी से रवाना करवाई गई है। लेकिन तब तक आग विकराल रूप धारण कर चुकी थी।

बताया जा रहा है कि गांव में किताब सिंह के घर में पूजा का दीया जल रहा था। जिससे वहां किसी चीज में आग लगी और उसने पूरे घर को चपेट में ले लिया। गांव से सड़क की दूरी करीब पांच किमी है।

एसडीआरएफ, पुलिस, फायर सर्विस,  फायर सर्विस नौगांव, राजस्व, वन विभाग, की  टीम सहित उपजिलाधिकारी पुरोला गोपाल सिंह चौहान और तहसीलदार को भी घटनास्थल पर पहुंचने देर लग गई। सभी ने मिलकर किसी तरह आग पर काबू पाया गया।

अग्निकांड में रात में लापता बुजुर्ग महिला का शव सुबह मिला। एसडीआरएफ ने राहत बचाव कार्य के दौरान जले हुए मकान के मलबे के नीचे से शव को बाहर निकाला। मृतक महिला की पहचान ब्रह्मा देवी(75) पत्नी नेगी सिंह के रूप में हुई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी उत्तरकाशी जिले के मोरी ब्लॉक के सावणी गांव में लगी आग से  प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने जिप्रशासन को तुरंत राहत और पुनर्वास कार्य शुरू करने का आदेश दिया। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिया है कि प्रभावित परिवारों को आवश्यक सामग्री, भोजन, कपड़े और अस्थायी आश्रय की व्यवस्था प्राथमिकता के आधार पर की जाए।

बता दें कि इस गांव में वर्ष 2018 में भी अग्निकांड में 39 भवन जलकर राख हो गए थे। उस समय 60 मवेशियों की मौत हुई थी। करीब एक वर्ष पूर्व भी यहां आग ने तांडव मचाया था। इसमें करीब 10 लोग लकड़ी के मकानों में आग लगने के कारण बेघर हो गए थे।

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *