प्रदेश में आर्थिक रूप से कमजोर महिला-बालिकाओं के स्वरोजगार के लिए सरकार 50 फीसदी अनुदान (सब्सिडी) पर बाइक, स्कूटी, ऑटो और कार देगी। वहीं, शेष 50 फीसदी का ऋण दिया जाएगा। महिला सारथी योजना के तहत पहले चरण में देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल जिले से योजना की शुरूआत होगी। महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग के निदेशक प्रशांत आर्य के मुताबिक केंद्र सरकार की ओर से निर्भया फंड से इस योजना को वित्त पोषित किया जाएगा। परिवहन विभाग इस तरह की महिला-बालिकाओं को वाहन चलाने का मुफ्त प्रशिक्षण और लाइसेंस देगा। पहले चरण के बाद योजना अन्य जिलों में होगी शुरू महिला सारथी योजना के तहत शुरूआत में चार जिलों में 200 महिलाओं को इस योजना से लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है। योजना को लेकर विभाग की तीन बैठकें हो चुकी हैं। दो जुलाई 2024 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई बैठक में भी इस मसले पर अधिकारियों ने जानकारी दी थी। पहले चरण के बाद योजना को अन्य जिलों में भी शुरू किया जाएगा। मुख्यमंत्री के विजन 2025 के लिए विभाग की ओर से इस नवाचारी योजना का प्रस्ताव है। योजना को केंद्र सरकार के निर्भया फंड से पोषित किया जाएगा। इससे जहां एक और महिला-किशोरियों में सुरक्षा का भाव पैदा होगा। वहीं, दूसरी ओर वे आर्थिक रूप से सशक्त होंगी। – आरती बलोदी, राज्य नोडल अधिकारी, केंद्र पोषित योजनाएं Please follow and like us: Share Post Share Post navigation देर रात शासन ने उत्तराखंड में किए आईपीएस अफसरों के किए तबादले देहरादून जौलीग्रांट एयरपोर्ट के विस्तारीकरण की प्रक्रिया तेज